हत्या मामले में आरोपी काका-भतीजे को मिली उम्रकैद व अर्थदंड की सजा

अलीराजपुर लाइव के लिए उदयगढ़ (कनास) से राजेश जयंत की रिपोर्ट-
पुलिस थाना क्षेत्र के ग्राम थांदला निवासी गुलसिंह पिता डूंगर सिंह (काका) व उसका भतीजा मोहब्बत पिता सोहबत को अपनी प्रेमिकाओं के जीजा सुमल पिता सेकडिय़ा भील निवासी बडी कदवाल थाना बोरी को अवैध देशी कट्टे से गोली मार कर हत्या करने के आरोप में जिला एवं अपर सत्र न्यायालय जोबट ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। वारदात 24 जून 2015 की है जिसमें आरोपी काका-भतीजे का मृतक सुमल की पत्नी कालीबाई की बहनों लक्ष्मी व ज्योति के संग प्रेम प्रसंग चल रहा था और वह सुमल को पसंद नहीं था। सुमल की रोक-टोक आरोपियों को नागवार गुजरी और उन्होंने मौका देख सुमल की निर्मम हत्या कर दी तथा पुलिस व परिजनों को गुमराह करने के लिए लाश को दूसरे गांव में फेंक आए थे।  सुमल विवाह कार्यक्रम में शामिल होने सपत्नीक ससुराल थान्दला आया था। थान्दला से बडी जुवारी बारात में शामिल होने के बाद वापस लौटते समय आरोपियों ने बाइक से सुमल का पीछा किया और देशी कट्टे से उस पर गोली दाग दी। यह गोली पीठ व सिर में गोली लगने से सुमल की मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद आरोपी सुमल की लाश को ग्राम भैरकुआं की सीमा पर फेंक कर भाग निकले थे। अगले दिन  ग्राम भौरकुआं मे सुमल की लाश मिलने के बाद उदयगढ़ पुलिस थाने में अपराध क्रमांक 65/15 ए भादवि की धारा 302,201 व  25/ 27 आम्र्स एक्ट का प्रकरण दर्ज किया गया। तत्कालीन थाना प्रभारी जीएस मावी ने सूक्ष्मता के साथ मामले की विवेचना करते हुए मौत की गुत्थी को सुलझा लिया और आरोपी काका भतीजे को गिरफ्तार कर अपर सत्र न्यायालय जोबट में प्रकरण प्रस्तुत किया। 31 माह चली सुनवाई के बाद 12 जनवरी को जिला एवं सत्र न्यायाधीश बीएस चौहान ने थाना प्रभारी की विवेचनाए साक्षियों के कथन व तथ्यों के आधार पर आरोपी काका-भतीजे को उम्रकैद की सजा सुनाई है। आरोपियों को प्रत्येक धारा में तीन-तीन हजार रुपए का अर्थदंड भी दिया गया है। अर्थदंड नहीं भर पाने की अवस्था में आरोपियों को छह-छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। प्रकरण में शासन की और से लोक अभियोजन राजीव ग्रेवाल ने पैरवी की। प्रकरण में कोर्ट मोहरिर आरक्षक 206 मोतीसिंह व आरक्षक 307 मोतीलाल थे।