नवनीत त्रिवेदी @झाबुआ Desk आज शाम झाबुआ पुलिस अधीक्षक पद्म विलोचन शुक्ल द्वारा कालीदेवी थाना प्रभारी निरीक्षक प्रदीप वॉल्टर को थाने से हटा कर रक्षित केंद्र झाबुआ संबद्ध कर दिया है, रक्षित केंद्र भेजे जाने का कारण थाने ने कार्यवाहियों में ध्यान नहीं देने, अपराधो की विवेचनाओ में अनावश्यक विलंब करने और थाना स्टॉफ़ पर कोई नियंत्रण नहीं रखने के फलस्वरूप लिया गया है। लगातार विवादों में थे थाना प्रभारी वॉल्टर – कालीदेवी से पूर्व पेटलावद एवं उसके पूर्व कालीदेवी थाना प्रभारी रहे वाल्टर का विवादों से पुराना नाता रहा है, अपनी पेटलावद पदस्थापना के दौरान एक वैवाहिक कार्यक्रम के दौरान जा रहे माता पूजन के बैंड को रोक कर बेवजह विवाह वाले परिवार को परेशान करने से लेकर , थाने पर आने वाले फरियादियों से द्वेष्तापूर्ण व्यवहार करना – एवं पेटलावद एसडीएम से विवाद के बाद इनकी रवानगी कालीदेवी हुई थी । पिछले महीने पुनः विवादों में आए थे विगत माह एक अंतर्जातीय प्रेम प्रसंग के मामले में हुए झाबुआ थाना क्षेत्र के एक विवाद में कालीदेवी से एक सहायक उपनिरीक्षक और एक प्रधान आरक्षक को झाबुआ लाकर बिना वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दिए दूसरे थाना क्षेत्र के दखल देने के कारण भी थाना प्रभारी प्रदीप वाल्टर विवादों में आए थे , बताया जाता है कि जिस प्रधान आरक्षक को झाबुआ लाए थे उसी के किसी रिश्तेदार का विवाद था, दूसरे थाना क्षेत्र में बिना अनुमति दखल देने के कारण पुलिस अधीक्षक झाबुआ द्वारा संबंधित सहायक उपनिरीक्षक को कालीदेवी से हटा कर झाबुआ कोतवाली भेज दिया गया था, और अंततः आज थाना प्रभारी वाल्टर भी हटा दिये गए। Post navigation ब्राह्मण समाज की मांग – असामाजिक तत्व के खिलाफ की जाए कड़ी कार्यवाही – पुलिस अधीक्षक को दिया ज्ञापन कड़कनाथ के अंडे बने हाईप्रोफाइल बिजनेस , झाबुआ वालों से बाहर वाले ज्यादा कमा रहे