जीवनलाल राठौड़, सारंगी मानवता और सेवा का उत्कृष्ट उदाहरण पेश करते हुए सारंगी निवासी शांतिलाल पीपाड़ा (आयु 90 वर्ष) का निधन हो गया। तेरापंथ युवक परिषद के सहयोग से सफलतापूर्वक उनके नेत्रदान कराए गए। परिजनों ने बताया कि स्व. शांतिलाल पीपाड़ा के निधन के बाद उनके पुत्र राजेंद्र, राकेश एवं अभय पीपाड़ा ने सहमति देते हुए नेत्रदान जैसे पुण्य कार्य के लिए तुरंत निर्णय लिया। परिवार के इस प्रेरणादायक कदम से दो नेत्रहीन व्यक्तियों के जीवन में नई रोशनी पहुंचेगी और उन्हें दुनिया देखने का अवसर मिलेगा। नेत्रदान की पूरी प्रक्रिया दाहोद के दृष्टि नेत्रालय के माध्यम से विधिवत रूप से सम्पन्न की गई। तेरापंथ युवक परिषद के सदस्यों ने भी इस कार्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए परिवार के इस निर्णय की सराहना की और समाज को भी नेत्रदान के लिए आगे आने का संदेश दिया। स्व. शांतिलाल पीपाड़ा के परिवार द्वारा लिया गया यह निर्णय समाज के लिए एक मिसाल है, जो यह दर्शाता है कि मृत्यु के बाद भी किसी के जीवन में उजाला किया जा सकता है। Post navigation सारंगी में रिसेप्शन की खुशियां मातम में बदलीं, मामेरे की रस्म बनी अंतिम विदाई श्रद्धा और परंपरा के साथ मनाई गई शीतला सप्तमी, बासी भोजन से महकी रसोई