जीवन लाल राठौड़, सारंगी संघ के 100 वर्ष पूर्ण होने पर शताब्दी वर्ष में संपूर्ण राष्ट्र में संघ के निकल रहे पथ संचलनो की श्रृंखला में सारंगी में भी भव्य पथ संचलन निकला। जिसमें सारंगी नगर और मण्डल के सभी गांवों से स्वयंसेवक शामिल हुए। विजयादशमी उत्सव पथ संचलन में वक्ता के रूप में संघ के प्रचारक एवं रतलाम विभाग धर्म जागरण प्रमुख श्री नमित जी भाईसाब आए..उन्होंने अपने उद्बोधन में संघ के प्रारंभ का वर्णन करते हुए बताया कि किस तरह संघ ने हिंदू समाज का संगठन करने का संकल्प धारण किया और आज १०० वर्ष पूर्ण कर रहा हैं। उन्होंने हिंदू समाज को भी साधुवाद देते हुए कहा यह हिंदू समाज का ही समर्पण है कि इस तरह के आयोजन संघ कर पा रहा हैं। अपने उद्बोधन में उन्होंने बताया कि शताब्दी वर्ष में संघ ने पंच परिवर्तन के माध्यम से समाज को एक नई दिशा देने का संकल्प लिया है। स्व का बोध अर्थात स्वदेशी, नागरिक कर्तव्य, पर्यावरण, सामाजिक समरसता एवं कुटुंब प्रबोधन..संघ के इन पांचों आग्रहों का विस्तार से वर्णन किया। संचलन में घोष के साथ कदमताल करते हुए निकले ,स्वयंसेवकों का नगर भर हर घर से स्वागत किया ओर कई जगह सामुहिक रु से स्वागत मंच सजा कर स्वागत किया जिसमें नगर के आदिवासी समाज के युवाओं ने मंच से स्वागत किया, व्यापारी वर्ग,व व्यापारियों के प्रतिष्ठानों से ओर भारतीय पत्रकार संघ ने भी मंच लगा कर स्वागत किया। सारंगी के छात्रावास मैदान से प्रारंभ होकर भैरवनाथ बस स्टैंड, गायत्री मंदिर, सदर बाजार, बस स्टैंड एवं चौपाटी होते हुए मंडी प्रांगण में समापन हुआ । Post navigation सारंगी में 31 फीट ऊँचे रावण का दहन, एक दशक बाद गूंजे विजयादशमी के जयकारे दीपावली का पूजन करने गई 16 वर्षीय बालिका की कुएं में डूबने से मौत