जीवन लाल राठौड़, सारंगी कल अचानक आई तेज बारिश और आंधी ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। कई गांवों में खेतों में खड़ी तरबूज, टमाटर और गेहूं की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। तेज हवाओं और ओलावृष्टि जैसी स्थिति के कारण फसलें जमीन पर गिर गईं, जिससे उत्पादन पर गंभीर असर पड़ा है। किसानों का कहना है कि इस समय फसल कटाई और बिक्री का दौर चल रहा था। ऐसे में प्राकृतिक आपदा ने उनकी कमर तोड़ दी है। तरबूज और टमाटर जैसी नगदी फसलें खेतों में ही खराब हो गईं, जबकि गेहूं की बालियां गिरने से उत्पादन पर असर पड़ा है।, अब उन्हें आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। क्षेत्र में किसानों ने प्रशासन से तुरंत सर्वे कराने और उचित मुआवजा देने की मांग की है। उनका कहना है कि समय पर सहायता नहीं मिली तो वे भारी नुकसान से उबर नहीं पाएंगे। किसानों ने राज्य सरकार और जिला प्रशासन से अपील की है कि प्रभावित क्षेत्रों का जल्द आकलन कर राहत राशि दी जाए, ताकि वे दोबारा खेती के लिए तैयार हो सकें। कृषि विशेषज्ञों का भी मानना है कि जलवायु परिवर्तन के कारण ऐसे मौसमीय उतार-चढ़ाव बढ़ रहे हैं, जिससे किसानों को बार-बार नुकसान झेलना पड़ रहा है। अब किसानों की निगाहें सरकार की ओर टिकी हैं कि वह इस संकट की घड़ी में उनके साथ खड़ी होकर राहत और सहायता प्रदान करे। Post navigation ओंकारेश्वर महादेव बने दूल्हे राजा, महिला मंडल ने लगाई हल्दी-मेहंदी युवक की संदिग्ध मौत पर परिजनों का मांग, हत्या का केस दर्ज करने की मांग को लेकर स्टेट हाईवे जाम