झाबुआ लाइव के लिए विपुल पंचाल की रिपोर्ट- थाना कोतवाली में 4 जनवरी को फरियादी इमरान पिता बाबू लखारा निवासी देवगढ़ बारिया (गुजरात) ने थाने पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज करवाई थी कि करीब पांच माह पहले रमेश चौहान ग्राम सन्नोड ने फोन कर बताया कि मेरी दादी ने नोटबंदी की तरह सोना बंदी होने के डर 3 किलो 500 ग्राम सोना बेचने के लिए दिया है। सोने की मात्रा अधिक होने से बाजार में नहीं बेच सकता हूं। अगर आपको चाहिए कम दाम पर सोना बेच दूंगा, मेरे घर आ जाओ। मैं पूरा सोना 10 लाख रुपए में दे दूंगा। इसी के चलते मैं 4 जनवरी को रमेश से मिला तथा सोने का नमूना सबूत बतोर चेक किया तथा सोनी से चेक करवाया, जिसके बाद मुझे रमेश पर विश्वास हो गया तो मैं अपने मामा के लडक़े अब्दुल राजीक पिता अब्दुल रज्जाक लखारा निवासी देवगढ़ बारिया को साथ लेकर झाबुआ आया तथा रमेश व उसके साथियों से सोना खरीदने की बात तय गई, फिर हम रमेश से राजगढ़ नाके पर मिले, तब रमेश बोला की मेरे पिता व साथी कसना को गाड़ी में बैठा ले तथा इनको अनास नदी पर छोड़ देना तथा रुपए दे देना वहीं तुम्हें सोना मिल जाएगा। तो मैं अनास नदी पहुंचा तथा मैंने तीन लाख रुपए पांच सौ-सौ की दो गड्डी उन्हें दे दी। उन्होंने सोने जैसी धातु के बटन एक थैली में रखकर मुझे दे दिए जो मैं लेकर वापस राजगढ़ नाका आया तथा उन पर एसिड डालकर देखा तो सभी बटन नकली निकले। रमेश तथा उसके साथियों ने मेरे साथ धोखाधड़ी कर मेरे रुपए ले लिए। इसके बात कोतवाली पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धारा 420 34 भादवि का अपराध दर्ज किया। प्रकरण में आरोपी रमेश एवं उसके साथियों की खोज के लिए एसपी महेशचंद्र जैन के मार्गदर्शन में टीम गठित की गई जिसमें एसडीओपी, थाना प्रभारी उनि नवीन पाठक झाबुआ, सउनि खलील पठान, प्रआर राजेश गुर्जर, प्रआर दिनेश हाडा, आर बसु, आर भूरसिंह, आर चंदभान, आर अनिल, आर सुरेंद्र द्वारा आरोपी रमेश एवं उसके साथियों की पतारसी की गई एवं धरपकड़ हेतु प्रयास किए तथा 18 अप्रैल को आरोपी रमेश पिता खीमला चौहान उम्र 40 वर्ष, निवासी सन्नोड बमुश्किल घेराबंदी कर पकड़ा तथा थाना लेकर आए। इसके बाद उससे पूछताछ की तो जुर्म स्वीकार कर लिया तथा आरोपी के पास से 500 के नोटों की एक गड्डी तथा 100-100 के 300 नोट जब्त किए उसके बाद आरोपी कसन पिता लक्ष्मण अमलियार उम्र 32 वर्ष निवासी लालू डूंगरा को भी घेराबंदी कर पकड़ा तथा जिसके कब्जे से 100-100 के कुल 100 नोट दोनों आरोपियों से कुल 90 हजार रुपए जब्त किए गए। इसके बाद आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया और 21 अप्रैल को बाबू पिता चुनिया कटारा उम्र 40 वर्ष निवासी देवली चौकी सेजावाड़ा थाना आजादनगर जिला अलीराजपुर को भी गठित टीम द्वारा पतारसी के बाद घेराबंदी कर धरदबोचा जिसके कब्जे से 500 के 70 नोट व 100 के 500 नोट जब्त किए और कुल 85 हजार रुपए जब्त किए गए तथा सोने जैसे धातु के 5 बटन तथा बिस्किट भी जब्त किए। आरोपी को कोर्ट में पेश किया जा रहा है। प्रकरण में अभी तक कुल 1 लाख 75 हजार रुपए तथा सोने जैसे 25 बटन व 2 नकली बिस्किट आरोपियों के कब्जे से जब्त किए गए। प्रकरण में फरार आरोपी अंतर की पुलिस तलाश कर रही है। Post navigation बीस दिवसीय आनंद मेले का हुआ शुभारंभ आईपीएल सट्टे को पकडऩे पहुंची पुलिस को मिला देशी सट्टा पर्ची व नकदी