शिवा रावत, उमराली

जनजातीय कार्य विभाग, मध्यप्रदेश द्वारा संचालित “सक्षम जीवन कौशल कार्यक्रम” के अंतर्गत शिक्षकों के लिए एक दिवसीय रिफ्रेशर प्रशिक्षण का आयोजन ब्लॉक सोण्डवा में सफलता के साथ सम्पन्न हुआ। यह प्रशिक्षण 21वीं सदी में आवश्यक जीवन कौशलों पर केंद्रित था, जिसमें माध्यमिक विद्यालय, एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय तथा सांदीपनि विद्यालयों के शिक्षकों ने सक्रिय रूप से सहभागिता की।

प्रशिक्षण का उद्देश्य शिक्षकों को वर्तमान समय की सामाजिक, मानसिक एवं शैक्षिक चुनौतियों को समझते हुए विद्यार्थियों को आवश्यक जीवन कौशलों से सशक्त बनाना था। इसमें सक्षम कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी, वर्ष 2 के डेमो सत्रों की प्रस्तुति, सेक्स और जेंडर के बीच स्पष्ट भेद, एक्शन प्लान निर्माण की प्रक्रिया, सत्रों की रूपरेखा तथा प्रत्येक सत्र के मुख्य बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।

साथ ही, बाल दुर्व्यवहार के प्रकार, विद्यालयों में सुझाव बॉक्स की स्थापना, मैजिक मित्र की रिपोर्टिंग व्यवस्था, एवं लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम (LMS) का प्रयोग कैसे प्रभावी ढंग से किया जाए – इस पर भी प्रतिभागियों को व्यावहारिक जानकारी दी गई। इस प्रशिक्षण में शिक्षकों ने गहन रुचि दिखाते हुए चर्चा में भाग लिया और बताया कि इस प्रकार की कार्यशालाएं न केवल उनके व्यक्तिगत और पेशेवर विकास के लिए उपयोगी हैं, बल्कि छात्रों में जीवन कौशलों का संवर्धन कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने में सहायक सिद्ध होंगी।

कार्यक्रम को सफल बनाने में ब्लॉक रिसोर्स कोऑर्डिनेटर (BRC) सरदार सिंह चौहान, मास्टर ट्रेनर केशर सिंह चौहान, भेरूसिंह मायाडा, लोकेन्द्र सिंह ठकराल का उल्लेखनीय योगदान रहा। प्रशिक्षण का संचालन एवं मार्गदर्शन सक्षम कार्यक्रम टीम के श्री दीपक कंगाली, श्रुति परदेशी एवं बहादुर सिंह द्वारा किया गया। प्रशिक्षण में सहभागियों के अनुभव, सवाल-जवाब और विचार-विमर्श से वातावरण अत्यंत सकारात्मक और सहभागिता-पूर्ण बना रहा। शिक्षकों ने प्रशिक्षण के अंत में अपनी प्रतिक्रियाएं साझा करते हुए कहा कि इस कार्यक्रम ने उन्हें नई दिशा दी है और वे अपने-अपने विद्यालयों में इन ज्ञान बिंदुओं को व्यवहार में लाने हेतु तत्पर हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *