जितेंद्र वर्मा, जोबट श्रावण मास से चार दिन पहले आषाढ़ मास के ग्यारस से पूरी नगरी भगवान शिव की भक्ति और रंग में रंगी जाती है शहर के चारों कोनों पर स्थित चारों प्राचीन शिवालयों के साथ प्रत्येक शिव मंदिर में ओम नम: शिवाय और हर-हर महादेव के जयघोष से गूंज गुंजन शुरू हो जाती है। आज से कहीं रुद्राभिषेक हो रहे हैं, तो कहीं परिक्रमा वह भजन कीर्तन मंदिर की सजा सजावट होना शुरू हो गई। https://jhabualive.com/wp-content/uploads/2025/07/WhatsApp-Video-2025-07-06-at-3.52.18-PM.mp4 इस परिक्रमा में शहर ही नहीं, ग्रामीण क्षेत्रों से भी शहरवासी इस सदियों पुरानी परंपरा में शामिल होकर भगवान शिव का जलाभिषेक करते हैं इस परंपरागत नगर परिक्रमा मे खेड़ापति हनुमान मंदिर,सत्यनारायण मंदिर,प्राचीन शिव मंदिर,देहदला रोड स्थित कालका मां मंदिर,बाबा देव बाईड़ी स्थित माताजी मंदिर,काली खेतर ईश्वर महादेव,प्राचीन सिद्धेश्वर महादेव उडारी मंदिर,बिलखेड़ी देगांव होते हुए खेड़ापति हनुमान मंदिर पर पहुंचकर इस परिक्रमा का समापन किया जाता है यह परिक्रमा लगभग करीब 20 किलोमीटर के आसपास है ईस परिक्रमा को कई श्रद्धालु एक ही दिन में पूरी नंगे पैर पैदल पूरा करते हैं वह कई श्रद्धालु दो पहिया वाहन से परिक्रमा पूरा करते हैं पैदल परिक्रमा युवाओं की टोलियां और जत्थे बोल बम का घोष करते हुए भक्ति में लीन होकर इस परिक्रमा यात्रा को पूरा करते हैं परिक्रमा की विशेष बात यह है कि इसे जहां से प्रारंभ किया जाता है, इसका समापन भी वहीं होते है इसलिए अधिकांश श्रद्धालु खेड़ापति हनुमान मंदिर स्थित शिवलिंग से इसे प्रारंभ करते हैं। हालांकि कुछ लोग कृष्ण मंदिर शिवालय से इस परिक्रमा को प्रारंभ कर वहीं इसका समापन करते हैं। Post navigation हरियाली महोत्सव के तहत थाना जोबट के परिसर में किया पौधारोपण गुरु पूर्णिमा पर महेश पटेल और विधायक सेना पटेल ने गौ माता की पूजा-अर्चना की