होलीका पर्व का समापन शीतला सप्तमी के साथ माना जाता है। हालांकि कुछ लोग शीतला अष्टमी भी पूजते हैं कुछ समय बाद हिंदू नव वर्ष तथा चेत्र नवरात्रि का आगाज भी होने जा रहा है। आज शीतला सप्तमी के पूजन हेतु मंदिर पर सुबह 4 बजे से पूजा-अर्चना का कार्यक्रम चलता हुआ दोपहर तक चला घर परिवार में सुख शांति तथा कोरोना महामारी के बचाव की कामना की गई।

होलिका दहन के सातवें दिवस शीतला सप्तमी मनाई आज 04/04/21 को यह पर्व मनाया गया कस्बे से लगभग 2 किलोमीटर दूर स्थित शीतला माता मंदिर पर सुबह 4 बजे से श्रद्धालुओं की भीड़ जुटनी प्रारंभ हो गई। शीतला सप्तमी विशेषकर महिलाओं का पर्व कहा जा सकता है। माताजी को पूजन में बासी खाद्य सामग्री व्यंजनों आदि सम्मिलित किए जाते हैं इस वर्ष कोरोना गाइडलाइन का पालन हेतु भीड़-भाड़ से बचने हेतु पूजा करने वाले सुबह-सुबह मंदिर गए तथा पूजा अर्चना कर घर परिवार में सुख शांति की कामना के साथ ही कोरोना महामारी से बचाव की भी प्रार्थना की गई। भीड़ में कुछ ने मास्क लगाया तो कई इस ओर से बेपरवाह दिखाई दिए तथा खुले घूमते रहे सुबह से चला पूजा-अर्चना का क्रम दोपहर तक अनवरत चलता रहा ।आम्बुआ स्थित शीतला माता मंदिर पर आम्बुआ के अतिरिक्त समीप ग्राम बोरझाड़ तथा ग्रामीण क्षेत्र के सैकड़ों श्रद्धालु पूजा-अर्चना हेतु आते हैं ।मंदिर पर ठंडा पानी तथा छाव हेतु टेस्ट के साथ ही सुंदर साज सज्जा हेतु टेंट व्यवसाई बंटी उर्फ देवेंद्र चौहान का विशेष सहयोग रहा जिसे हर आने वाले श्रद्धालु ने प्रशंसा की।

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