रितेश गुप्ता, थांदला

कैथोलिक डायसिस झाबुआ के थांदला में ईस्टर पर्व उल्लासपूर्ण मनाया गया। कोविड- 19महामारी के चलते प्रशासनिक निर्देशों का पालन करते हुए। ईस्टर पर्व की मिस्सा पूजा शनिवार शाम 7बजे व रविवार सुबह 6.30 बजे 8.30 बजे व 10 बजे इस प्रकार चार भागों विभाजित किया जाकर पर्व को मनाया गया जिससे भीड़ नहीं हो एवं सभी धर्म लाभ ले सकें। शनिवार शाम 7 बजे मिस्सा पूजा के मुख्य याजक फादर सोनू वसुनिया थे उन्होंने समाजजनों को सम्बोधित करते हुए कहा कि ख्रीस्तीय मूल विश्वास का सबसे बड़ा पर्व है। प्रभु येशू इस संसार मे रहते समय बहुत से अचरज के कार्य किये अंधों को दृष्टि दी गूंगो को वाणी मुर्दों को जिलाया बीमारों को स्वास्थ्य प्रदान किया किन्तु प्रभु येशू मरने के बाद फिर से जीवित नही होते तो हमारा विश्वास व्यर्थ होता किंतु येशू ने कब्र से जीवित होकर मृत्यु पर विजय प्राप्त की और सारे संसार के मानव जाति को एक नई आशा दी कि मनुष्य मरकर संसार के अंतिम दिन फिर जीवित होकर सदा सर्वदा ईश्वर के साथ रहेंगे। यह ईसाई समुदाय का विश्वास है। इस प्रकार प्रभु येशु ने प्रेम शांति व परोपकार की शिक्षा अपने शत्रुओं को क्षमा करके दी। उन्होंने कहा जलती हुई मोमबती प्रभु येशू का प्रतीक है जिसके प्रकाश में अपना जीवन जिए। इस अवसर पर पल्ली पुरहित फादर अंतोन कटारा ने सभी भाई बहनों को ईस्टर पर्वकी शुभकामनाएं दी।मिस्सा पूजा में फादर सोनू वसुनिया फादर अंतोन कटारा फादर विशाल माल व फादर महेश निगेशिया ने भाग लिया अनेक भाई बहनों ने पर्व को सफल बनाने में सहयोग किया। कार्यक्रम का संचालन जोसफ माल द्वरा किया गया व आभार पल्ली पुरोहित फादर अंतोन कटारा ने माना।

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