विपुल पंचाल, झाबुआ शिवगंगा के सर्वांगीण ग्राम विकास के जतन में नित नए आयाम जुड़ते जा रहे हैं | जल, जंगल, जमीन, जानवर और जन के समर्थन के साथ विज्ञान पुनर्विकास और सामाजिक उद्यमिता आदि में हमारे अनुभव साथ के साथ जिज्ञासा भी बढ़ रही है सीखने और समझने के अपने काम को और बल प्रदान करने के लिए एक नए उद्यम ग्राम गुरुकुल प्रकाशन का शुभारंभ किया गया है ग्राम गुरुकुल झाबुआ के संदर्भ में देखा जाए तो झाबुआ के 90% युवा आठवीं से दसवीं कक्षा में विद्यालय छोड़ देते हैं | 18 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के लड़के अब शिक्षा से दूर होते जा रहे हैं | झाबुआ के युवा को उसकी रीति रिवाज, परंपराएं, झाबुआ के भौगोलिक बनावट झाबुआ की खेती में फसलों के बारे में जानकारी एवं उसके अनुकूल जानकारी प्राप्त करने का कोई माध्यम नहीं है इसी को ध्यान में रखते हुए ग्राम ग्रुप और प्रकाशन का शुभारंभ किया जा रहा है जिसमें झाबुआ के युवा को उसके अनुकूल ज्ञान मिल सके इसी क्रम में उल्लेखनीय शिवगंगा द्वारा 2008 में 900 गांव में ग्राम वाचनालय की स्थापना की गई जिसमें एक पेटी में सो अलग अलग प्रकार की ज्ञानवर्धक किताबें होती हैं ग्राम वाचनालय की किताब लगभग 200000 युवाओं ने पड़ी है ज्ञान वृद्धि में ग्राम वाचनालय की अहम भूमिका साबित हुई है एवं इसी क्रम में ग्राम गुरुकुल प्रकाशन उसके आगे की कड़ी साबित होगा | Post navigation आंधी तूफान के साथ आइ बारिश ने कपास-सोयाबीन की फसलों को किया नुकसान ग्रामों के विकास से ही राष्ट्र का विकास संभव है – सरकार्यवाह भैयाजी जोशी