झाबुआ लाइव के लिए विपुल पंचाल की रिपोर्ट-
16 जनवरी से प्रारंभ हुई हलमा प्रदर्शनी का समापन गुरुवार को अलीराजपुर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सीमा अलावा के मुख्य आतिथ्य में संपन्न हुई। अध्यक्षता उल्लास जैन झाबुआ, विशेष अतिथि के तौर पर उमंग सक्सेना रोटरी क्लब अध्यक्ष झाबुआ, रचनाकर भारती सोनी, शिवगंगा प्रमुख महेश शर्मा उपस्थित थे। इस अवसर पर भारती सोनी ने बताया कि मुझे झाबुआ की परंपरा हलमा को छायाचित्र के रूप में उकेरने का सौभाग्य मिला। इसी चित्रकला की प्रदर्शनी इंदौर में लगी थी जिसमें इंदौर के गणमान्य नागरिकों ने उसे सराहा और झाबुआ की उभरती हुई तस्वीर देखी। इस विकास यात्रा में सहभागी होने पर मुझे गर्व की अनुभूति होती है। मैं शिवगंगा संस्था का हृदय से आभार व्यक्त करती हूं कि इस तीन दिवसीय प्रदर्शनी में मेरे द्वारा बनाई हुई पेंटिंग को स्थान मिला। मुख्य अतिथि एएसपी सीमा अलावा ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि मैं पिछले अनेक वर्षों से शिवगंगा और हलमा के बारे में सुनती आई हूं। हर बार ऐसा मौका रहा है कि मुझे हलमा देखने का अवसर प्राप्त नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनी के बारे में जानकारी मिलते ही मैं समय निकालकर सपरिवार यहां पर हलमा प्रदर्शनी देखने आई हूं। मुझे यह बताते हुए गौरव की अनुभूति हो रही है कि प्रकृति को बचाने की झाबुआ कि यह अनूठी परंपरा देश में जाना चाहिए इसका अनुकरण होना चाहिए। मुझे पुलिस विभाग में काम करते हुए भी अनेक अनुभव आते हैं कि झाबुआ में बालिका शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य इन विषयों पर भी बहुत काम करने की आवश्यकता है। आज वास्तव में प्रकृति का अंधाधुंध शोषण किया जा रहा है। इस मंच के माध्यम से मैं आप सब को बताना चाहती हूं कि ऐसे प्रयास हम सबको मिलकर करना होगा ताकि आने वाली पीढ़ी अपना सुखद जीवन जी सके। इस दौरान शिवगंगा के राजाराम कटारा ने बताया कि उत्तर में माही और दक्षिण में नर्मदा के बीच का भू-भाग झाबुआ क्षेत्र अपनी अनूठी परंपरा और विशेषताओं के कारण दुनिया में जाना जाता है। वास्तव में शिवगंगा ने झाबुआ के वनांचल क्षेत्र को सही रूप में जाना और समझा है और उस आधार पर झाबुआ का सर्वांगीण विकास कैसे हो इस विषय को लेकर अनेकों स्तर पर कई वर्षों से लगातार प्रयास हो रहे हैं जिसके सुपरिणाम अब झाबुआ में दिखने लगे हैं। शिवगंगा द्वारा झाबुआ में जन जागरण के कार्यक्रम चलाए जाते हैं इसके साथ ही सामाजिक उद्यमिता विकासए स्वच्छ गांव स्वस्थ परिवार, इमेज एंड रियलिटी के कार्यक्रम चलाये जा रहे हैं। जल, जंगल, जमीन, जानवर, जन, नवविज्ञान, इन 6 चीजों को आधार बनाकर झाबुआ की संपूर्ण समृद्धि के लिए प्रशिक्षण और ग्रामीण युवावों में उद्यमिता के विकास लिए इंक्यूबेशन सेंटर जैसे अनेक प्रयास और काम किए जा रहे हैं। शिवगंगा द्वारा झाबुआ में पंचकोशिये विकास की अवधारणा को भी धरातल पर लाने का प्रयास किया जा रहा है। झाबुआ के गांव में अन्नमयकोष, प्राणमयकोष, मनोमयकोष, विज्ञानमयकोष, आनंदमयकोष के विकास की योजनाएं बनाकर काम किया जा रहा है। इस वर्ष झाबुआ में हलमा के द्वारा 11 गांव में 11 तालाब बनाए गए साड़, खेड़ा, चायन पश्चिम, राखिया, सेमलपाडा, चारोलीपाड़ा, छागोला, गुडलपाड़ा, घटिया इन 11 तालाबों की जल धारण क्षमता 150 करोड़ लीटर पानी वन संवर्धन के कार्यक्रम में 35 गांव में 41000 पेड़ लगाकर उनका संवर्धन किया जा रहा है। शिवगंगा प्रमुख महेश शर्मा ने सभी उपस्थित गणमान्य नागरिकों को उपस्थित अतिथियों विशाल हलमें में आने के लिए धन्यवाद दिया। वही शिवगंगा के राजेश मेहता ने अतिथियों का स्वागत किया। सकल व्यापारी संघ के अध्यक्ष नीरज राठौर ने आभार व्यक्त किया। समापन अवसर के इस आयोजन में राजेश नागर, विकास शाह, भंवरसिंह बिलवाल, विनीता सोनी, नितिन धाकड़ उपस्थित थे। संचालन प्रियांशु चौधरी ने किया।

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