विपुल पंचाल, झाबुआ
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आज पूरा विश्व कोरोना कोविड-19 महामारी से संघर्ष कर रहा है। झाबुआ भी इससे अछूता नहीं है। यहाँ भी स्थिति चिंताजनक हो रही है। ऐसे में शिवगंगा के कार्यकर्ताओं के द्वारा कोरोना के पहले चरण की तरह, इस बार भी विपरीत परिस्थितियों में गाँव-गाँव में सहयोग करने के लिए कार्यकर्ताओं का समूह अभियान में जुट गया है।
शिवगंगा के कोरोना अभियान के अंतर्गत शिवगंगा गुरुकुल धरमपुरी, मेघनगर आश्रम व पेटलावाद में सभी सावधानियों को ध्यान में रखते हुए प्रशिक्षण वर्ग आयोजित किया गया। इस प्रकार से अब तक 80 गाँवों के 177 कार्यकर्त्ता प्रशिक्षित होकर अभियान में जुट गए हैं। डॉक्टरी परामर्श से एक मेडिकल किट बनाया गया है जिसमें की 5 दिनों के कोर्स के लिए दवाईयाँ, तीन मास्क और एक सेनिटाइज़र की बोतल दी जा रही है। इस प्रकार से अब तक लगभग 150 गाँवों में 2000 किट वितरित किये जा चुके हैं।

साथ-ही-साथ इस अभियान के अंतर्गत एक ओर जहाँ कोरोना संबधित सावधानियों के प्रति लोगों को जागरूक किया जा रहा है वहीं कोरोना टीके के बारे फैली अफवाहों को दूर कर रहे हैं। देशी तरीके जैसे की काढ़ा, भाप, आदि से अपनी रोगप्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाये रखने के उपाय से भी ग्रामवासियों को अवगत करा रहे हैं।

अभियान में लगे कार्यकर्ताओं के बहुत ही सकारात्मक अनुभव आ रहे हैं, जहाँ मेडिकल किट की दवाईयों से लोग ठीक हो रहे हैं, वहीं जागरूकता अभियान से गाँव में भय कम होने के साथ-साथ विश्वास का माहौल बन रहा है। जमीनी हकीकत को समझते हुए कार्यकर्ताओं का ऐसा अनुभव है मेडिकल वितरण अभियान अगले एक महीने तक या उससे भी आगे आवश्यक हो सकता है।

इस अभियान के लिए आवश्यक धनोपार्जन के लिए शिवगंगा वेबसाइट पर के कैम्पेन भी चलाया जा है जिसमें इंदौर सहित पुरे भारत भर 400 से भी अधिक दानकर्ताओं के माध्यम से दस हज़ार मेडिकल किट के लिए पैसे जमा किया जा चूका है। इस कैम्पेन को अब बीस हज़ार कीटों तक बढ़ाया जायेगा।

इसी सन्दर्भ में अभियान के संचालक शिवगंगा कार्यकर्त्ता  राजाराम कटारा ने बताया की किट वितरण के अनुभव देखते हुए ऐसा लग रहा है कि यह अभियान पुरे भारत के जनजाति क्षेत्रों में चलाया जा सकता है। इससे हॉस्पिटल पहुँचने से पहले ही गाँव में लोगों के ठीक हो रहे हैं। कोरोना को बढ़े स्तर फैलने से रोकने में इस प्रकार का अभियान बहुत कारगर साबित हो सकता है।

शिवगंगा के अध्यक्ष पद्मश्री महेश शर्मा ने कहा कि ऐसी विकट परिस्थितियों में भी वनवासी समाज पुरे विश्व को एक सन्देश दे रहे हैं, झाबुआ का वनवासी समाज परिचय दे रहा है वनवासी समाज के गुणों का – एक परमार्थी, जुझारू, और साथ खड़ा रहे वाला समाज के रूप में । इसी प्रकार साथ आकर हम कोरोना महामारी से जीत सकते हैं।

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