झाबुआ लाइव के लिए पेटलावद से हरीश राठौड़ की रिपोर्ट-
हम सदियों से खेती करते आ रहे है फिर समय-समय पर प्रशिक्षण की नितांत आवश्यकता है। प्रदेश के मुखिया भी एक किसान के बेटे है, वे भी फूल और फलों की खेती करते है। खेती में किन-किन परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है वे अच्छी तरह जानते है। इसलिए उन्होंने खेती को लाभ का धंधा बनाने का संकल्प लिया है। वे चाहते है कि आज के आधुनिक जमाने में किसान समय समय पर खेती करने के तउर तरिकों में बदलाव ला की सरकार की योजनाओं का ज्यादा से ज्यादा फायदा लेकर अपने जीवन स्तर को उंचाइयों तक ले जाए। उक्त विचार क्षेत्रीय विधायक निर्मला भूरिया ने सोमवार को शासकीय पौधशाला में दो दिवसीय कृषक प्रशिक्षण सम्मेलन का शुभारंभ करते हुए व्यक्त किए। प्रशिक्षण सम्मेलन का आयोजन उद्यानिकी और खाद्य प्रसंस्करण विभाग द्वारा किया गया। आगे उन्होंने कहा कि हमारा झाबुआ जिला पहाड़ी क्षेत्रों में बसा है जिसमें खेती करने में परेशानियों का सामना करना पड़ता हैं इसलिए सरकारी योजनाओं के माध्यम से हम गरीब आदिवासी किसानों का अधिक से अधिक फायदा करना चाहते हैं। पहले हम गेहूं के लिए मालवा में जाते थे किंतु अब हमारे यहां पर भी प्रचुर मात्रा में गेहूं का उत्पादन हो रहा है।
जैविक खेती का महत्व बताया.
विधायक भूरिया ने जैविक खेती का महत्व बताते हुए कहा कि आज हमें देशी खाद, गोबर आदि से निर्मित खाद की नितांत आवश्यकता महसूस होने लगी है। क्योंकि रासायनिक खादों से कई बिमारियों ने जन्म लिया है। क्षेत्र के किसान सावित्री बाई सेमरोड, रमेश रायपुरिया और मांगु गामड़ को ड्रीप योजना मेें सामग्री वितरित की गई। विभाग प्रमुख सुरेश इनवाती ने कार्यालय भवन की मांग रखी, जिस पर विधायक ने स्वीकार करते हुए मांग जल्द ही पूर्ण करने का आश्वासन दिया। इस मौके पर भाजपा जिला उपाध्यक्ष हेमंत भट्ट, विधायक प्रतिनिधि मूलचंद्र निनामा, विजय सिंह, बालाराम पाटीदार, भीमाजी पाटीदार, जादोन, तोमर आदि ने संबोधित किया। इस मउके पर कालूसिंह निनामा, भेरूलाल पाटीदार, भरत पाटीदार, गोविंद मुलेवा, जगदीश सेंचा, जितेंद्र सिंह मोटापाला, लक्ष्मण पडिय़ार एवं क्षेत्र के सैकड़ों किसान उपस्थित थे.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *