Salman Shaikh@ Petlawad…
हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी शानो—शौकत से पंपावती नदी किनारे स्थित हजरत शेर अली मस्त मस्तान ओढ़ी वाले बाबा (रे.अ.)का सालाना उर्स मुबारक मनाया जाएगा। जिसमें देश के प्रसिद्ध कव्वाल पार्टियां अपने—अपने कलाम पेश करेंगे। इस दादा ओढ़ी वाले सरकार का 16वां उर्स मनाया जाएगा। उर्स को लेकर अंजुमन कमेटी, छटी शरीफ कमेटी, कब्रस्तान कमेटी, हुसैनी कमेटी ने सामूहिक रूप से दरगाह स्थल पर एक बैठक का आयोजन किया। जिसमें समाज के प्रमुख भी शामिल हुए। समाज के सदर राहिल मंसूरी ने समाजजनो की सर्वसम्मति से सदर के रूप युवा शाकीर शेख को नियुक्त किया। वहीं उपसदर के रूप में जावैद कुरैशी और शाकीर कुरैशी की नियुक्ति की गई।
इस मौके पर नवनियुक्त सदर शाकीर शेख ने कहा जो जिम्मेदारी उन्हें दी गई है वह उसे ईमानदारी और निष्ठापूर्वक निभाएंगे। उन्होनें कहा हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी हम सभी को मिल—जुलकर उर्स मनाना है। उर्स के दौरान इस बात का विशेष ध्यान दिया जाए कि बाहर से आया मेहमान नाराज होकर न जाए। खासकार युवा ये ध्यान रखे की उर्स के दौरान कहीं भी किसी भी प्रकार की विवादित स्थिति नही बने। हमें उर्स शांतिपूर्वक एकता के साथ मनाना है।
किसे क्या बनाया-
बैठक में उर्स कमेटी के कोषाध्यक्ष के रूप में सलमान शेख और सादीक बागबान की नियुक्ति की गई। वहीं ईमामुद्दीन शेख, नासीर शेख, गफ्फार खान, अमजद लाला, साजीद भाई (जोबट वाले), फरदीन खान, अय्युब खान, गुड्डू भाई (भाभरा वाले), सलीम बागबान, आरीफ कुरेशी, खलील कुरेशी, शाहीद शेख, मुख्तयार एहमद, शब्बीर बागबान, आमीर बागबान, अहमद कादरी, जफर कादरी, जब्बार भाई, मो. रईस, इशरत शेख, रईस काजी, मुस्ताक जीजा, युनूस कुरेशी, साबीर भाटी, मुन्ना कुरैशी, जावेद मेव, चांद खा, मकसूद खान, भय्यू शेख, आरीफ कुरेशी, आरीफ शेख, शोएब शेख, आसीफ भाई, आशीक गोरी, गुलाम मोइनुद्दीन खान, सरफउद्दीन काजी, इरफान शेख, शाहरूख खान, जावेद लोधी, जाकीर शेख, अज्जु खान, वाहीद शेख, सिद्दीक शेख, जावेद सिसगर, सद्दाम सिसगर, अय्युब मंसुरी, इरशाद खान, बाबू सिसगर, युनूस सिसगर, कालू शेख, सरोज खान, अरबाज खान, मुजफ्फर शेख, अनवर हुसैन, भूरे खा, तनवीर खान, जुनेद कुरेशी, अज्जु काजी, मोनू पठान, वसीम पठान, शाहरूख शेख, शहबाज शेख, इरफान खान, अलाउद्दीन खान, मेहबूब भाई, सोहेल शेख आदि को मेंबर के रूप में नियुक्त किया।
सूफी-संत और जायरिनो का लगेगा मेला
मालूम हो कि यह स्थल कोमी एकता और सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल है। यहां उर्स के दौरान सुफी—संत और जायरीनो का मेला लगता है। जायरीन बड़ी संख्या में यहां अपनी मन्नते लेकर पहुंचते है। यहां हर समाज से लोग बड़ी संख्या में दर्शन के लिए पहुंचते है।
किस दिन क्या होगा
बैठक में सभी की सहमति से निर्णय लिया गया कि इस वर्ष मुस्लिम समाज के पवित्र माह रमजान की आगामी जून माह में खत्म होंगे। इसी के साथ ईद मनाई भी जाना है। जिसके मद्देनजर प्रतिवर्ष मई माह के आखरी सप्ताह में मनाए जाने वाला उर्स इस वर्ष जून माह के दूसरे सप्ताह में मनाया जाएगा। जिसमें 13 जून जुमेरात (गुरूवार) को चादर निकाली जाएगी। इसके बाद रात में तकरीर का आयोजन किया जाएगा। जिसमें मोलाना तकरीर पेश करेंगे। 14 जून को रात में महफिले समां का आयोजन होगा। जिसमें देश के प्रसिद्ध नामीग्रामी कव्वाल पार्टियां अपने कलाम पेश करेंगी। इसके बाद 15 जून को रंग और विशाल भंडारे (लंगर ए आम) का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर समाजजन बड़ी संख्या में मौजूद थे।

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