झाबुआ लाइव के लिए पेटलावद से हरीश राठौड़ की रिपोर्ट- तीन दिन पूर्व मॉर्निंग फालोअप के दौरान ही ग्राम बोडायता में दल का एक ऐसी युवती शांता से सामना हुआ जिसका विवाह कुछ दिन बात सम्पन्न होना था। बातचीत के दौरान दल के राजेश कुमार ने शांता से पूछा कि जहां उसका विवाह होने जा रहा है, वहा पर शौचालय है की नहीं। जवाब में शांता ने बताया कि उसके होने वाले ससुराल में तो शौचालय है लेकिन उसके घर पर नहीं है। बातचीत में टीम के सदस्यों की की बात का इतना गहरा असर शांता पर हुआ कि उसने उसी वक्त अपने पिता से विवाह के पूर्व ही शौचालय बनवाने की मांग रख थी। बेटी की बात से सहमत होते हुए पिता ने भी ताबडतोब घर में शौचालय बनवाया। सर्वत्र हुई दुल्हन की तारीफ ———————— गुरूवार की सुबह शांता को ब्याहने कसारबर्डी ग्राम का युवक राकेश बारात लेकर बोडायता पहुंचा तो उसे भी अपनी दुल्हन के प्रयास से बने शौचालय की जानकारी मिली। यहां दुल्हन के परिजनो के साथ दुल्हे राकेश के परिजन भी एकत्रित हुए। जहां फीडबैक फाउंडेशन के राजेशकुमार ने दुल्हन के प्रयासों की सराहना करते हुए उपस्थित सभी महिलाओं और पुरूषों से शौचालय उपयोग करने की समझाइश दी। उपहार देकर किया सम्मानित ——————– विवाह के दौरान इस संवाद के बीच स्वच्छता मिशन से जुड़े सभी सदस्यों ने तालियां बजाकर दुल्हन शांता के प्रयासों की सराहना की। तथा फाउंडेशन के राजेशकुमार तथा सचिव अंबाराम निनामा ने दूल्हा -दुल्हन को उपहार भी भेंट किया। इस मौके पर प्रेरक विष्णुकुंवर के साथ बडी संख्या में दल के सदस्य मौजूद थे। इनकी उपेक्षा भी चर्चा में ————— पिछले तीन चार दिनों से बोडायता की शांता के विवाह पूर्व घर में शौचालय बनाने की मांग मीडिया मेें आई तब से वह चर्चा का केन्द्र बनी हुई है। सोशल मीडिया पर उसकी मांग पर बनने वाले शौचालय की चर्चा हो रही है। ऐसे में क्षेत्र के ग्रामीणो को विश्वास था कि शांता के विवाह के मौके पर जनप्रतिनिधियों और अधिकारी उपस्थित रहकर उसकी होसला अफजाई करेंगे, लेकिन ऐसा नही हुआ। केवल स्वच्छता मिशन से जुडें सदस्य ही उपस्थित रहे। Post navigation अब 12 वर्षीय बेटी ने मां के हाथ जोड़ कहा, मां घर की इज्जत के लिए बनवा लो शौचालय स्कूल का टाइम 7 बजे लेकिन हठधर्मी प्राचार्य स्कूल व रेलवे के नियम तोडक़र पहुंच रहे 9.30 बजे