हरीश राठौड़, पेटलावद एससी-एसटी एक्ट के विरोध गुरूवार को पेटलावद भी पूरी तरह से बंद रहा। नगर में सभी दुकाने सुबह से ही बंद रही, जो कि देर शाम तक नहीं खुली। नगर बंद को लेकर किसी प्रकार की कोई जोर जबरदस्ती या किसी भी संगठन द्वारा कोई रैली नहीं निकाली गई। व्यापारियों ने अपनी स्वेच्छा से बंद कर भारत बंद को अपना पूरा पूरा समर्थन दिया। प्रशासन द्वारा हर चौराहे पर पुलिस की कड़ी व्यवस्था की गई थी। हर जगह पुलिस जवान खड़े दिखाई दे रहे थे किंतु किसी प्रकार की कोई अप्रिय घटना की स्थिति ही नहीं बनी। नगर में बंद शांति पूर्ण रहा। इसके साथ ही बेत्र के अन्य हिस्सों में भी बंद रहा। जब विवाद की स्थिति बनी- सारंगी से छोटे विवाद की सूचना मिली थी जिसे लेकर मौके पर प्रशासन की टीम पहुंची और उन्होंने दोनों पक्षों को समझाकर आपसी सामंजस्य बनाया जिसके बाद विवाद शांत हुआ। मामले में एक पक्ष कुछ दुकानों को खुला रखना चाहता था।इस संबंध में विवाद को निपटाने के लिए एसडीएम हर्षल पंचोली और एसडीओपी स्टेला सुलिया ने मौके पर पहुंच कर दोनों पक्षों को समझाइश देकर दोपहर 2 बजे तक बंद रखने और उसके बाद दुकाने खोलने की समझाइश दी। ज्ञापन सौंपा- पेटलावद व्यापारी संगठन द्वारा राज्यपाल के नाम ज्ञापन एसडीएम हर्षल पंचोली को सौंपा जिसमें बताया गया कि एसी-एसटी एक्ट में जो कुछ कमियां है उसका सुधार किया जाए। क्योंकि हर व्यक्ति को न्याय पाने का अधिकार है। हम इस ज्ञापन के माध्यम से किसी वर्ग या जाति का विरोध नहीं कर रहे है। केवल कानून में सुधार की मांग कर रहे है। ज्ञापन सौंपने के दौरान नगर के व्यापारी मौजूद थे। Post navigation 6 वर्ष पूर्व महिला-पुरुष को प्रेम प्रसंग का झूठा आरोप लगाकर नग्न अवस्था में गांव में घुमाने पर पांच-पांच वर्ष का कारावास 2050 करोड़ की नर्मदा जल योजना के भूमिपूजन पर बोले मुख्यमंत्री चौहान : कांग्रेस के साथ राजा-नवाब-अंग्रेज सब ने मिलाकर मध्यप्रदेश में सिंचाई का रकबा 7.50 लाख हेक्टयर था मैंने 40 लाख हेक्टयर किया