झाबुआ लाइव के लिए बामनिया से लोकेंद्र चाणोदिया की रिपोर्ट- महाशय धर्मपाल (एमडीएच) दयानंद आर्य विद्या निकेतन में शुक्रवार को वैदिक जनजातीय आर्य महासम्मलेन, स्कूल भवन का उद्घाटन समारोह व ‘हौसला उड़ान का’ सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित हुआ। मुख्य अतिथि भामाशाह महाशय धर्मपालजी का सुबह नगर आगमन हुआ, जिसमें नगरवासियों ने अलग-अलग स्थानों पर मंच बनाकर पुष्पला व पुष्पवर्षा से उनका भव्य स्वागत किया। विद्यालय पहुंचने पर महाशयजी का ढोल-ढमाकों और सांस्कृतिक आदिवासी नृत्य के साथ स्वागत किया गया। महाशयजी ने नवीन भवन का उद्घाटन किया। इसके पश्चात सांस्कृतिक कार्यक्रम की शुरूआत हुई जिसमें संस्था के बच्चों द्वारा रंगारंग नृत्य और नाटक की प्रस्तुतियां दी गई। बच्चों ने नाटक के माध्यम से बाल विवाह और बेटी बचाओ का संदेश दिया। बच्चों के फैन डांस पर महाशयजी भी अपने आपको नहीं रोक पाएं और बच्चों के बीच आकर डांस करने लगे जिसने सबका मन मोह लिया। कर्म ही मनुष्य को महान बनाता है- सांस्कृतिक कार्यक्रम के पश्चात जनजातीय सम्मेलन प्रारंभ हुआ, जिसमे विशेष अतिथि खादी ग्रामोद्योग के अध्यक्ष सुरेश आर्य उपस्थित थे। अध्यक्षता सार्वदेशिक आर्य प्रतिनिधि सभा के प्रधान सुरेशचंद्र आर्य ने की। महाशयजी ने कहा कि मेरा तन-मन-धन समाज के लिए अर्पण है, समाज की सेवा ही मेरा परम लक्ष्य है। आपके आशीर्वाद से ही मैं आज तक जिंदा हूं और मेरा जीवन आप लोग की सेवा में ही लगा रहे। कर्म ही मनुष्य को महान बनता है, मैं कुछ नहीं। यह थे उपस्थित- कार्यक्रम में मुख्य रूप से सांसद कांतिलाल भूरिया, विधायक निर्मला भूरिया, दीनदयाल, शिवकुमार चौधरी, धर्मपाल आर्य, विनय आर्य, प्रकाश आर्य, सत्यानंद आर्य, अशोक गुप्ता, शिवकुमार मदान, सरपंच रामकन्या संजय मखोड़, प्राचार्य प्रवीण अत्रे, जीर्वधन शास्त्री, भूमि दानादता गोवर्धनसिंह राठौर आदि उपस्थित थे। कार्यक्रम को सफल बनाने में कार्यक्रम अध्यक्ष संगीता विश्वास सोनी व कार्यक्रम उपसंयोजक विमल मूथा व नगरवासियों, गणमान्य नागकिरों सहित समस्त स्टॉफ विशेष सहयोग रहा। कार्यक्रम का संचालन संचालन आचार्य दयासागरजी ने किया। आभार दयांनद सेवाश्राम के महामंत्री जोगिंद्र खट्टर ने माना। Post navigation डम्पर पुलिया पर पलटा, बड़ा हादसा टला छकतला में फैली गंदगी का समाचार प्रकाशित किया तो पत्रकार पर सफाई कर्मियों ने किया जानलेवा हमला