2झाबुआ। नशा मनुष्य के जीवन को दीमक की तरह खोखला कर देता है जिससे नशा करने वाला व्यक्ति तो उसकी गिरफ्त में आता ही है वही उसका पूरा परिवार भी उससे प्रभावित होता है और धीरे-धीरे पूरा परिवार नशे के कारण बर्बाद हो जाता है अगर हमें नशा करना ही है तो हम सद्कार्यों का नशा करे जिससे हमारे जीवन के साथ समाज का भी विकास हो। उक्त विचार सामाजिक न्याय विभाग के मार्गदर्शन में मप्र जन अभियान परिषद् द्वारा चलाए जा रहे मद्यपान निषेध सप्ताह कार्यक्रम में ब्रम्हकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की बहन ज्योति दीदी ने कहे। परिषद् द्वारा चयनित प्रस्फुटन ग्रामों के साथ-साथ ब्लाकवार मुख्यमंत्री सामुदायिक नेतृत्व विकास क्षमता विकास पाठ्यक्रम के छात्रों के साथ ही नशामुक्ति संगोष्ठि रैली आयोजित की जा रही है। इसी क्रम में विकासखंड रानापुर के प्रस्फुटन ग्राम भूरीमाटी में भी विद्यार्थियों ने नशामुक्ति रैली निकालकर संगोष्ठी की और आंगनवाडी परिसर के पास स्वच्छता श्रमदान किया। जिसमें जिला जन अभियान समिति के उपाध्यक्ष शांतिलाल पालीवाल ने कहा कि नशा तन, मन, धन तीनों का नाश करता है जिससे व्यक्ति के स्वविकास एवं समाज विकास में अवरोध आता है। वही झाबुआ में उत्कृष्ट विद्यालय में हुई संगोष्ठी में साहित्यकार शरद शास्त्री ने नशे से होने वाली बीमारियों और उनसे होने वाली जन धन हानी को विद्यार्थियों के समक्ष तथ्यात्मक आंकडों के रूप में प्रस्तुत किया। विद्यालय की प्राचार्य आयशा कुरैशी ने भी कहा कि पहले स्वयं हम अगर किसी प्रकार का नशा करते है तो उसे छोडे उसके बाद अपने सारे मित्रों को भी नशे से दूर करे ओर फिर हम समाज में नशे के दुष्प्रभावो को बताए तभी नशामुक्त ग्राम की कल्पना की जा सकती है। नशामुक्ति संगोष्ठि के पूर्व विद्यार्थियों की भाषण प्रतियोगिता भी कराई गई ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *