भगवान कृष्ण की रास लीला की प्रस्तुति देते. झाबुआ लाइव के लिए पेटलावद से हरीश राठौड़ की रिपोर्ट- वार्षिकोत्सव के दौरान बच्चे अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते है। यह अवसर उनके लिए आगामी जीवन की स्वर्णिम थाती बन जाता है। विद्यालयीन जीवन में बच्चे जो कुछ भी सिखते है। वह उन्हें सब नागरिक बनने में मदद करता है। बच्चे सदभावनाओं से परिपूर्ण होते है। बस उन्हें अवसर मिलना चाहिए। उक्त बात किशोर न्यायाधीकरण की सदस्य निवेदिता सक्सेना ने संरपर्क स्वयंसेवी संस्था द्वारा संचालित संपर्क बुनियादी शाला के वार्षिकोत्सव में मुख्य अतिथि पद से बोलते हुए व्यक्त किए। भावी नायब तहसीलदार रुपाली जैन ने कहा कि बच्चों को अपने समय का भरपूर लाभ लेना चाहिए। क्योंकि यह समय निकल जाएगा तो फिर नहीं आएगा और बचपन के जो मजे होते है वह पूरे जीवन याद किए जाते है। हर कोई बच्चा कुछ न कुछ बनना चाहता है वह जीवन में आगे बढऩा चाहता है, जिसके लिए बच्चों को मेहनत करना होगी। सपनों को साकार करने के लिए हमें हर संभव प्रयास करना होगा। बच्चों ने दी आकर्षक प्रस्तुतियां- इस अवसर पर बच्चों ने कई रंगारंग प्रस्तुतियां दी, जिनमें एकांकी, प्रहसन, नाटक तथा शास्त्रीय नृत्य शामिल थे। बच्चों ने देश की वर्तमान दशा पर महात्मा गांधी के स्वर्ग से पृथ्वी पर लौटने संबंधी नाटक प्रस्तुत किया जिसे दर्शकों ने बहुत सराहा। इसके अलावा हिंदी व्याकरण में क्रिया, विशेषण, संबंध बोधक, विस्मयादि बोधकों के महत्व पर प्रकाश डालता नाटक भी प्रस्तुत किया। बाल कलाकारों ने कई लोकप्रिय फिल्मी गीतों पर आकर्षक नृत्य भी प्रस्तुत किए। प्रारंभ में अतिथियों ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण किया। इसके पश्चात शाला प्रबंधन की ओर से अतिथियों का स्वागत किया गया. शाला प्राचार्य प्रक्षाली देसाई ने बापू के प्रसिद्व भजन वेष्णव जन तो तेणें कहीं ये पर नृत्य पेश किया। इसके पश्चात संस्था निदेशक निलेश देसाई ने संस्था की गतिविधियों एवं प्रगति पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में रंगकर्मी भरत व्यास ने कहा की बच्चें जो करते है वह उनकी अपनी निजी कला होती है। अतिथि के रूप में सामाजिक कार्यकर्ता पारस कोटडिया, डॉ जिनेंद्र जैन, पत्रकार हरिशंकर पंवार, वीरेंद्र भट्ट, संजय पी लोढ़ा, हरीश राठौड़, लक्ष्मण मुणिया आदि उपस्थित थे। Post navigation बैंककर्मी की बदसुलूकी से पेंशनर परेशान, सौंपा एसडीएम को ज्ञापन सूर्य नमस्कार में छात्र छात्राओं ने लिया किया सूर्य नमस्कार