अशोक बलसोरा, झाबुआ जहां देश एक ओर विश्वव्यापी कोरोना जैसी महामारी को लेकर जूझ रहा है तो वहीं समुचा देश इसकी गंभीरता को समझ रहा है। साथ ही प्रशासन भी शहरी क्षेत्रो में मुस्तैदी के साथ डटा हुआ है और लॉकडाउन अक्षर: पालन करवाने में लगा हुआ है एवं नागरिकों का भी सहयोग मिल रहा है। लेकिन इसके विपरीत ग्रामीण क्षेत्रों में इसकी उदासीनता को लेकर भयावह स्थित है इसको लेकर प्रशासन को ध्यान देने की जरूरत है। एक ओर जहां संसधानों की कमी है तो दूसरी ओर जागरूकता में भी कमी के चलते कोरोना जैसी भयावह स्थिति से भी नहीं घबरा रहे हैं।अपनी जान जोखिम में तो ग्रामीण क्षेत्र के लोग डाल ही रहे हैं साथ ही अपने परिजन व गांव के लिए भी खतरा बने हुए हैं। देखने में आ रहा है कि ग्रामीण इलाकों में लॉकडाउन के चलते व्यापारी वर्ग में जहां एक ओर सहयोग करना चाहिए वहां मूल्यवृद्धि करके स्थिति को ओर भी भयावह बनाने में जुटे हैं। खाद्य सामग्री के साथ ही किराना सामग्रियो में भाव ऊंचे वसूल कर आर्थिकरूप से परेशान कियाजा रहा है। ग्राम गोलाछोटी के संजय डामोर ने कहा कि रोजमर्रा के उपयोग की वस्तुओं के भाव काफी ऊंचे पहुंच चुके हैं सोयाबीन का तेल 1 किलो का 110 में मिल रहा था उसका भाव वर्तमानमें 150रु पए प्रतिकिलो बेचा जा रहा है। मिर्ची-मसाले के भाव में भी तेजी आ गई है।वहीं पेट्रोल प्रति लीटर 120 से 150 रुपए वसूले जा रहे हैं। आज आवश्यकता है कोरोना वायरस को लेकर लॉकडाउन में जो हिदायते दी जा रही है उसका पालन किया जाकर जरूरतमंदों को सहयोग कर इस भयावह स्थिति से निपटने के लिए एकजुटता दिखाने की लेकिन व्यापारी वर्ग ऐसा नहीं कर रहा है। जिम्मेदार बोल हमने 14 अप्रैल तक लॉकडाउन किया है इसमें शहरी क्षेत्रों के साथ ग्रामीण स्तर पर सफल बनाने में हमारी टीम जुटी है इसका उल्लंघन करने वालों के खिलाफ प्रशासन कार्रवाई करेगा। – प्रबल सिपाहा,कलेक्टर झाबुआ – शहरी क्षेत्रो में तो हमने जनता के सहयोग से पूर्ण रूप से लॉकडाउन का पालन करवाया जा रहा है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रो में भी हमारी सतत मॉनिटरिंग जारी है लेकिन उसके बावजूद भी कोई इसका उल्लंघन कर रहा है तो ऐसे लोगों पर कार्रवाई कर उन्हें जेल भेजा जाएगा। – अभयसिंह खराड़ी,एसडीएम झाबुआ Post navigation कोविड-19 के खिलाफ जंग लड़ने वाले ग्राम के वोरियर्स को गांव की बेटी ने दिया धन्यवाद पत्र जिला अधिकारियों ने कोविड-19 महामारी से बचाव के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष में जमा किए हजारों रुपए