मयंक विश्वकर्मा/ आम्बुआ

आम्बुआ कस्बे में विगत वर्षों बिजली के खुले तार हटाकर फाइबर केबल तो डाल दी गई मगर तब से लेकर अभी तक बिजली उपभोक्ता परेशान हो रहे हैं घटिया किस्म की यह केबल कभी भी फाल्ट होकर बिजली गुल कर देती है इसी केबल के कारण कपास से भरी ट्रक में आग लगी मगर लोगों की सजगता से दुर्घटना होते होते बच गई। केबल को बदलने की मांग की जा रही है ठेकेदार केबल डाल कर गायब है बिजली विभाग भी परेशान है।

जैसा की विदित है कि शासन द्वारा बिजली चोरी रोके जाने हेतु खुले तारों को हटाकर ठेकेदार के माध्यम से केबल लाइन डाली गई जब यह लाइन डाली जा रही थी तभी समाचार पत्रों में इस के घटिया होने के समाचार प्रकाशित किए गए। शिकायतें हुई मगर *”सेटिंग कर आऐ ठेकेदार ने एक नहीं सुनी”* तथा केबल डाल दी तभी से अनेकों बार केबल फॉल्ट हो चुकी खंभों पर लगे बॉक्स जल चुके कम ज्यादा वोल्टेज के कारण घरेलू बिजली उपकरण तथा सामान खराब तथा जल चुके मगर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। आम्बुआ पंचायत प्रांगण के पास से डाली गई यह केबल दो खंभों के बीच अधिक दूरी होने के कारण नीचे झूल रही है जिस कारण बड़े वाहन निकलते समय केबल से घर्षण होता है तो कभी केबल टूट जाती है कभी फाल्ट हो जाती है। 26 दिसंबर की रात एक कपास से भरा ट्रक इसके नीचे से निकला तो केबल के खुले तारों से टकराने के कारण निकली चिंगारी से कपास में आग लग गई ट्रक में बैठे मजदूरों तथा चालक आदि ने तत्काल कपास फेंकना प्रारंभ किया तथा जलता कपास निकाला जिस कारण एक बड़ी दुर्घटना टल गई भविष्य में यहां कभी भी दुर्घटना हो सकती है। केबल की लंबाई अधिक होने तथा बीच में कोई सहारा नहीं होने से केबल लटकती रहती है बार-बार फाल्ट होने के कारण तारों में अनेक गांठे लग चुकी है जिसके मुंह खुले होने से टकराने पर चिंगारियां निकलती है। पंचायत प्रांगण के पास इस केबल लाइन के नीचे से प्रतिदिन सैकड़ों छोटे-बड़े वाहन निकलते हैं जिससे दुर्घटना का भय बना हुआ है। क्षेत्रीय निवासियों ने केबल बदलने तथा केबल ऊंची कर बीच में सहारा हेतु खंबा लगाने की मांग की है।

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