मयंक विश्वकर्मा, आम्बुआ क़स्बे सहित समीप ग्राम बोरझाड एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में स्थापित गौरीशंकर पुत्र, विनायक देवताओं में सर्वप्रथम पूजनीय भगवान श्री गणेश जी को आज उनके भक्तों ने अनंत चतुर्दशी को भारी मन से विदा किया गया। गणेश चतुर्थी पर आम्बुआ, तथा समीप ग्राम बोरझाड,अडवाडा,अगौनी,झौरा , हीरापुर,वडी,भोरदू मोटाउमर देकालकुआ,झीरण आदि स्थानों पर श्री गणेश जी की स्थापना की गई थी लगभग दस दिनों तक विराजमान रहने के बाद विदाई दी जाती थी मगर इस वर्ष तिथियों के उतार चढ़ाव के कारण बारहवें दिन लंबोदर, गजानन को पूर्ण विधि-विधान के साथ डी जे सांउड की धुन पर नाचते हुए तथा रंग गुलाल उड़ाते हुए जुलूस निकाला गया तथा अगले बरस तू जल्दी आ, गणपति बप्पा मोरया, एक दो तीन चार गणपति जी की जय-जयकार आदि गगनभेदी नारों के साथ निकाल कर हथनी नदी तथा सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित जलाशयों में भारी मन से विसर्जित किए गए, विसर्जन जुलूस में पुलिस की माकूल व्यवस्था रही। Post navigation श्री राजेंद्र जैन नवयुवक परिषद का राष्ट्रीय अधिवेशन 3 एवं 4 अक्टूबर 2026 को इंदौर में होगा आम्बुआ में जर्जर भवनों को गिराने की प्रक्रिया शुरू, जनपद की टीम ने किया निरीक्षण