मयंक विश्वकर्मा, आम्बुआ आम्बुआ तथा आसपास के क्षेत्र में विगत दो तीन दिनों से मौसम खराब हो रहा है आसमान पर छा रहे बादलों को देख कृषकों की नींद उड़ रही है क्योंकि खेतों में फसले लगभग तैयार खड़ी है जिनके खराब होने की आशंका बढ़ रही है। इस वर्ष मौसम के मिजाज बदले रह रहे हैं कभी ठंड तो कभी गर्मी तो कभी बारिश हो जाना आम बात हो गई है कब वर्षा का मौसम आ जाऐ कब ठंड तो कब गर्मी का एहसास होने लगे कहां नहीं जा सकता मौसम भविष्य वक्ताओं की भविष्यवाणी भी झूठी साबित हो जा रही है इस समय रबी की फसलों का चल रहा है कहीं-कहीं गेहूं तथा चना आदि की फसले पक जाने के कारण काटकर खेत खलियानों में पड़ी है तो कई कृषकों की फसले तैयारी की कगार पर है एक हफ्ते बाद वह भी काटने के लिए तैयार हो जाएगी यदि ऐसी स्थिति में मौसम खराब होता है तो कृषकों को भारी नुकसान हो सकता है यदि बारिश ओले गिर जाते हैं तब सब कुछ चौपट होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है जिस कारण कृषक चिंतित हैं तथा भगवान से प्रार्थना कर रहे हैं की मौसम साफ हो जाए ताकि मेहनत कर तैयार की गई फसले समेत सके। Post navigation आम्बुआ ग्राम पंचायत द्वारा 22 फरवरी को हाट-बैठक ठेके की नीलामी की जाएगी मुस्लिम समाज ने शब-ए-बारात का त्योहार परंपरागत तरीके से मनाया