blank-sign-question1. प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता रवि सक्सेना ने शिवराजसिंह चैहान की से सवाल किया है कि विगत बारह वर्षों से झाबुआ नगर पालिका में भाजपा की परिषद काम कर रही है किंतु अत्यंत दुर्भाग्य की बात है कि झाबुआवासियों के लिए आज तक पीने के पानी कि व्यवस्था करने में भी असफल रही है। झाबुआ में 4 से 5 दिन में एक दिन पीने का पानी क्यों उपलब्ध हो पा रहा है आपने जो 32 करोड़ रूपये की पेयजल योजना कि झाबुआ के लिए घोषणा कि थी उसका क्रियान्वयन क्यों नही हो सका ?
2. अलीराजपुर के सोंडवा में जो 441 गांवों के लिए आपने नर्मदा वनवासी लिंक माइक्रो सिंचाई परियोजना की घोषणा की थी उसका प्रथम चरण भी क्यों प्रारंभ नही किया जा सका है ? क्या यह क्षेत्र के किसानों के साथ छलावा नही है?
3. प्रदेश में भाजपा की विगत बारह वर्षों से सरकार है और आप दस वर्षों से मुख्यमंत्री है किंतु आपको अब जब रतलाम-झाबुआ संसदीय उपचुनाव निकट आया तो आपको सोंडवा में आजादनगर में आईटीआई और काॅलेज के भूमिपूजन की सुध अब आई है ? क्या यह क्षेत्र के विद्यार्थियों के साथ मात्र छलावा नही है।
4.  जोबट क्षेत्र के डाबड़ी में शहीद चंद्रशेखर आजाद माइक्रो सिंचाई परियोजना क्या चुनावी वादा नही है। क्योंकि अभी तक इसकी विस्तृत सर्वे रिपोर्ट व व्यय की जाने वाली राशि का आवंटन केबिनेट से स्वीकृत तक नहीं कराया गया है।
5.  झाबुआ में दो आडिटोरियम, रानापुर में काॅलेज, स्व. दिलीप सिंह भूरिया स्मृति माॅडल स्कुल मेघनगर में काॅलेज की घोषणाएं आपने की है उनके लिए आज तक भूमि आवंटन क्यों नही किया गया है ? क्या इससे यह सिद्व नही होता कि यह भी आपकी अन्य घोषणाओं के समान हवा-हवाई सिद्व होंगी।
6. आपने झाबुआ, अलीराजपुर के किसानों से उनकी भूमि को सिंचित कराने के लिए 380 करोड़ के स्टाप डेम, बैराज बनाने की घोषणा की है जबकि जमीनी हकीकत इससे कोसो दूर है। क्योंकि स्टाप डेमों और बैराजों के लिए स्थान भी अभी तक चिंहित नही किया गया है। क्या यह किसानों को धोखा देने जैसा आपका व्यवहार नही है ?
7. झाबुआ में कांग्रेस के शासनकाल में चाचा नेहरू पार्क की स्थापना की गई उसे बीजेपी की परिषद के कार्यकाल में उजाड़ दिया गया है। बच्चों के खेलने के लिए झाबुआ में आजतक एक भी पार्क की स्थापना क्यों नही की गई ?
8. रतलाम-झाबुआ संसदीय क्षेत्र के शासकीय अस्पताल एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र जान-बूझ कर दयनिय हालत में पहुंचा दिये गए है और अब इन्हें पीपीपी माॅडल पर निजी हाथों को सौंपने का षणयंत्र क्यों किया जा रहा है ? क्या यह क्षेत्र की गरीब जनता के साथ धोखा नही है ?
9. आदिवासियों की जमीने सामान्य लोगों को विक्रय करने का अधिकार देकर क्या आप आदिवासियों की जमीन छीनने का प्रयास नही कर रहे है ?
10.  रतलाम-झाबुआ संसदीय क्षेत्र के किसानों पर विद्युत विभाग द्वारा हजारों रूपये के बिजली के बिल थोपे जा रहे है और आपको यह कहना पड़ रहा है कि हम शिविर लगाकर उनका निराकरण करेंगे। क्या यह क्षेत्र के किसानों के साथ धोखा-धड़ी किए जाने जैसा अपराध नही है ?
प्रदेश प्रवक्ता रवि सक्सेना ने कहा कि इसीलिए आपकी घोषणाओं के बारे में कहा जाता है कि शिवराज सिंह की घोषणाएं हेलीकाॅप्टर की धूल के साथ ही उड़ जाती हंै और अधिकारियों द्वारा आपकी घोषणाएं कभी भी गंभीरता से नही ली जाती है। जिन्हें प्रशासन पेन्सिल से लिखता है और आपके प्रस्थान करते ही रबर से मिटा देता है। इसी कारण आपके 10 वर्षों के कार्यकाल में की गई हजारों घोषणाओं का कोई अधिकृत लेखा जोखा उपलब्ध नही है और ना ही कोई जानता है कि आपकी की गई घोषणओं में से कितनी घोषणाये वास्तव में क्रियान्वित हुई।

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