झाबुआ – मुख्यमंत्री की झाबुआ यात्रा मात्र एक ढकसोला है, जबकि केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा किसी भी हितग्राही मूलक अथवा रोजगार सबंधी योजना में राशि उपलब्ध नहीं कराई जा रही है। यात्रा के जरीए मात्र ग्रामीण क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारियों को जबरन का दबाव बनाया जा रहा है। उक्त आरोप जिला पंचायत अध्यक्ष कलावती भूरिया ने मुख्यमंत्री की यात्रा को लेकर लगाया है। भूरिया ने कहा कि विगत एक वर्ष में पंचायत मंत्री एवं पंचायत विभाग के प्रमुख सचिव आदि ने जनपद एवं जिला पंचायत के अध्यक्ष एवं प्रतिनिधियों की बैठक ली तथा पर्याप्त राशि देने का भी आश्वासन दिया, किन्तु ना तो राष्ट्रीय योजनाओं के पेंशन की राशि गरीबों को मिल रही है और ना ही हितग्राही मूलक योजना की राशि ग्रामीणों को प्राप्त हो रहीं है। इसी प्रकार इंदिरा आवास मुख्यमंत्री आवास योजना का भी यही हाल है, ग्रामीणजन परेशान है। बीआरजीएफ योजना केंद्र द्वारा बंद की गई तथा रोजगार गारंटी योजना में भी राशि नहीं आ रही है।
जिले की जनता एक बार भाजपा के कहने में आ गई, अब जिले की जनता धोखा खाने वाली नहीं है। चाहे मुख्यमंत्री गांवों में जाए या सडकों पर निकले। जनता ने उनके धोखे का जवाब दे दिया है। मुख्यमंत्री यदि जबरन शासकीय कर्मचारियों एवं ग्रामीण क्षेत्रों के पंचायत सचिव एवं अन्य कर्मचारियों पर गलत कार्यवाही करते है तो जिले के कांग्रेसी पंचायत पदाधिकारी एवं पार्टी के कार्यकर्ता इसका विरोध करेंगे।
जिपं सदस्य ने की यह मांग – जिले के पंचायत उपाध्यक्ष चन्द्रवीरसिंह राठोर, सदस्यगण रूपसिंह, अकमालसिंह मालू, कलावती गेहलोत, शांति राजेश, शारदा डामोर,संता तेरसिंह, रमिला कैलाश, गीता शंकरसिंह, गेंदाल डामोर आदि ने सरकार से मांग की है कि तत्काल जिले में पेंशन हेतु पर्याप्त राशि दी जाए एवं रोजगार मूलक कार्य तत्काल चलाए तथा भारी भरकम बिजली के बिल माफ किए जाए। साथ ही सिंचाई सुविधा भी बढाई जाए। पंचायत पदाधिकारियों द्वारा गांव के गांव बिजली काटने का भी विरोध किया है तथा एक समयबद्व चक्र बनाकर सिंचाई हेतु बिजली उपलब्ध कराने की भी मांग की है।

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