जितेंद्र वर्मा, नानपुर गोशाला के सान्निध्य में मां पीतांबरा गोरक्षा समिति के प्रमुख प्रद्दुम नागर और दिव्यांशु शर्मा ने कहा कि आवारा मवेशियों के मालिकों को सचेत किया है कि सड़क, चौराहा पर अपने पशु का उपयोग कर पशुपालक छोड़ देते हैं। जिससे बड़ी दुर्घटना होने की शंका बनी रहती है। अतः उन्हें पशुओं पालकों से आग्रह करते है की पशु को स्वयं संभाल रखे. या स्वयं पशु पालक अपने पशु को गोशाला में सौंपने की सलाह दी है. कई भी सार्वजनिक स्थान पे आवारा पशु पाए गए तो पशु पालकों पे उचित करवाई की जावेगी जिसके जिम्मेदार स्वयं होगे। यह कदम आवारा मवेशियों द्वारा किए जा रहे सार्वजनिक उपद्रव और सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए उठाया गया है। आवारा मवेशियों की समस्या आवारा मवेशी,शहरों और गांवों में एक आम समस्या बन गई हैं। ये मवेशी सड़कों पर घूमते रहते हैं, जिससे यातायात बाधित होता है और सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है. गौसेवकों की भूमिका गौसेवकों ने इन आवारा मवेशियों के मालिकों को सचेत किया है कि स्वयं पशुओं को संभाल कर रखे या या उन्हें अपने पशुओं को स्वयं गोशाला में सौंपने की सलाह दी है। गोशालाएं इन मवेशियों के लिए आश्रय प्रदान करती हैं और उनके स्वास्थ्य और कल्याण का ध्यान रखती हैं. गोशालाओं का महत्व गोशालाएं आवारा मवेशियों के लिए एक सुरक्षित स्थान प्रदान करती हैं, जहां उन्हें भोजन, आश्रय और चिकित्सा देखभाल मिलती है. यह पहल आवारा मवेशियों की समस्या को हल करने और सार्वजनिक सुरक्षा में सुधार करने में मदद करती है. स्वतंत्रता दिवस के राष्ट्र पर्व पर मां पीतांबरा गौ रक्षा समिति के उत्कृष्ट सेवा कार्य के लिए सामाजिक संगठन एवं ग्राम पंचायत नानपुर द्वारा सम्मानित किया गया। इस अवसर पर मां पितमरबर गौ रक्षा समिति, गोशाला के सानिध्य में मां पीतांबरा गौ सेवा गौ रक्षा समिति के सदस्य चिंटू माली, विवेक माली , वेदांश वर्मा , सुजल मालवी, यश वाणी , भावेश वाणी, संजय कनेश दिव्यांशु वाणी । सामाजिक संगठन एवं ग्राम पंचायत नानपुर द्वारा सम्मान किया। Post navigation निर्माणाधीन भवन में काम कर रहा मजदूर गिरकर घायल हुआ ग्रामसभा में उठा नानपुर में बन रहे स्वास्थ्य केंद्र भवन निर्माण का मामला