झाबुआ लाइव डेस्क ॥ आम तोर पर भारतीय समाज मे बेटियों द्वारा मुख्याअग्नि देने की परंपरा नही है मगर कभी कभी ऐसे मामले सामने आ जाते है जहाँ बेटिया यह फर्ज निभाती है झाबुआ जिले के पिटोल मे भी आज एक बेटी ने अपनी मां के अंतिम संस्कार में मुख्याअग्नि दी..दरअसल 76 वर्षीय ” सुमित्रा राणावत” जो कि एक सेवानिवृत्त नस॔ थी उनकी आज तडके मृत्यु हो गई थी उनका कोई पुत्र नही है उनकी दो बेटिया है अर्चना एंव रचना..आज 11.30 बजे मोद नदी के किनारे मुक्तिधाम पर “अर्चना” ने अपनी मां “सुमित्रा” राणावत का अंतिम संस्कार करते हुऐ मुख्याअग्नि दी ओर बेटे की तरह सारे संस्कार भी किये । Post navigation शोचालय मांगने जनपद पहुँची गोपालपुरा गांव की 54 घरो की महिलाएँ नेपाल पीड़ितों के लिऐ “शारदा” ग्रुप की एतिहासिक पहल