मयंक विश्वकर्मा, आम्बुआ वर्तमान समय विभिन्न तीज त्यौहार का चल रहा है विगत दिनों हरतालिका तीज तथा इसके बाद ऋषि पंचमी जिसे सावापाचम भी कहा जाता है महिलाओं ने दिनभर उपवास किया तथा मोरधन नामक वनस्पति के बीजों की खिचड़ी या खीर बनाकर फलाहार किया इसी के साथ साथ 16 सितंबर को हलछठ का उपवास भी महिलाओं द्वारा किया गया। इस दिन महिलाएं हल से जूते खेतों में नहीं जाती है ऐसे फल एवं फलहार नहीं करती है जो कि हल से जुते हुए खेतों में पैदा होते हैं । इसलिए वे ऐसी सामग्री का भोजन या फलाहार करती है जो कि हाथ सेप वृक्ष या पौधे रोपे गए हों दिन भर उपवास के बाद शाम को पूजा अर्चना कर उपवास पूर्ण किया गया। Post navigation प्रथम दिवस नहीं दिखा स्वच्छता अभियान का असर कलेक्टर-एसपी के सख़्त के बाद एसडीएम-पुलिस व आबकारी टीम की अवैध शराब पर संयुक्त कार्रवाई