झाबुआ। लोकसभा में शून्यकाल के दौरान सांसद कांतिलाल भूरिया ने मप्र की सरदार सरोवर परियोजना में डूब प्रभावितों की अत्यंत गंभीर समस्याओं की ओर सरकार का ध्यान आकर्षित किया। इस दौरान सांसद भूरिया ने धार जिले के निसरपुर ग्राम के कुल 1500 परिवार जिसमें से लगभग 700 परिवार एसटीएस के तहत रह रहे हैं जिनमें से 120 परिवारों में से प्रत्येक परिवार को 10-10 लाख रुपए के भीतर मुआवजा राशि वर्ष 2002 में प्राप्त हुई थी जबकि उन्हें 15-15 लाख रुपए का मुआवजा प्राप्त होना चाहिए था। आज उनकी आर्थिक हालत अत्यंत दयनीय है। मप्र सरकार नमामि देवी नर्मदे यात्रा पर करोड़ों रुपए व्यर्थ में व्यय कर रही है। मप्र सरकार पूर्ण रूप से विस्थापितों के पुनर्वास की कोई ठोस योजना नहीं बना पा रही है जो भी व्यवस्था बनाई गई है वह सभी वर्गों के लिए अपर्याप्त है। समस्थ धार्मिक स्थल हेतु राशि जो माफी शाखा में जमा कर रखी है उसे संबंधित समाज के प्रमुख लोगों की समितियों को मय ब्याज समेत दी जानी चाहिए। सांसद भूरिया ने कहा कि नर्मदा पट्टी की पाइप लाइने जो कृषि सिंचाई हेतु उपलब्ध है सब डूब में आ जाने से बिजली की लाइने एवं ट्रांसफार्मर आदि भी डूब में आ जाएंगे। मछवारे, कहार समुदाय के भी लोगों की आजीविका पर खतरा उत्पन्न हो गया है। डूब में आने वाले प्रत्येक परिवार को 15-15 लाख रुपए का मुआवजा तत्काल ही दिए जाने की मांग सांसद भूरिया ने की। इस दौरान में उन्होंने कहा कि डूब प्रभावित 193 बीपीएल कार्डधारक का दर्जा देने व सभी योजनाओं का लाभ भी इन परिवारों को दिए जाने की मांग की। सांसद भूरिया ने कहा कि सरकार 80 हजार रुपए का लालच देकर ग्रामीणों से वचन पत्र भरवाकर उनके सारे अधिकारों को समाप्त कर देना चाहती है। वही अलीराजपुर जिले के लगभग 200 ग्राम डूब में आ रहे हैं। विस्थापितों के पुनर्वास हेतु सरकार की कोई योजना नहीं है। अलीराजपुर, धार एवं बड़वानी जिले के 50 हजार परिवार प्रभावित है जिसमें से संसदीय क्षेत्र अलीराजपुर जिले के एक हजार परिवार एवं 50 ग्राम डूब में आ रहे हैं। उन्हें जबर्दस्ती सरकार द्वारा वहां से हटाया जा रहा है। सांसद भूरिया ने कहा कि सरकार द्वारा इन परिवारों की पुनर्वास की कोई भी वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई है जिससे स्थिति परिवारों की अत्यंत ही गंभीर है। भूरिया ने सरकार से कहा कि सरदार सरोवर परियोजना के निर्माण संसदीय क्षेत्र के अलीराजपुर जिले के एक हजार परिवारों के जो 50 ग्राम डूब में आ रहे हैं उनकी जीवन रक्षा एवं उनके पुनर्वास हेतु योजनाएं बनाई जाकर एवं उन्हें 15-15 लाख का मुआवजा दिए जाने के बाद ही वहां से हटाया जाना चाहिए।

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