प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश सरकार चीता संरक्षण की दिशा में निरंतर प्रभावी प्रयास कर रही है। यह केवल मध्यप्रदेश ही नहीं, बल्कि एशिया का भी एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक प्रोजेक्ट है। एक समय एशिया से चीते विलुप्त हो गए थे और मध्यप्रदेश में भी इनकी उपस्थिति समाप्त हो गई थी। आज यह हमारे लिए सौभाग्य की बात है कि मध्यप्रदेश की धरती पर एक बार फिर चीते स्वच्छंद विचरण कर रहे हैं। वर्तमान में प्रदेश में 56 चीते और उनके शावक मौजूद हैं। चीता संरक्षण की यह उपलब्धि हमारे वन्यजीवों के प्रति “जियो और जीने दो” की भावना को दर्शाती है। यह हमारे वन विभाग की महत्वपूर्ण उपलब्धि भी है। इस उल्लेखनीय कार्य के लिए मैं वन विभाग के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई देता हूं। वनांचल और वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में मध्यप्रदेश का समृद्ध इतिहास रहा है। आज पुनः चीते की मौजूदगी हमारे प्राकृतिक वैभव और जैव-विविधता के संरक्षण के प्रति प्रदेश की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

– डॉ. मोहन यादव, मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बोत्सवाना से लाई गई मादा चीता “CCB-2” को आज नीमच जिले के गांधीसागर अभयारण्य में विमुक्त किया। “CCB-2” के आगमन के साथ गांधीसागर अभयारण्य में चीतों की संख्या बढ़कर 4 हो गई है, जिसमें 2 नर एवं 2 मादा चीते शामिल हैं।

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