झाबुआ लाइव के लिए पेटलावद से हरीश राठौड़ की रिपोर्ट-
कृषि उपज मंडी में किसानों के साथ खुली लूट वाले मामले में नाटकीय मोड़ आया, जिसके अनुसार जो व्यापारी मौके पर ही उपस्थित नहीं था उसका लाइसेंस निरस्त कर दिया गया, जबकि किसान से उसकी उपज अन्य चार व्यापारियों ने खरीदी थी। इस संबंध में किसान प्रकाश परमार का भी कहना है कि गलत जानकारी दे कर निलेश राठौड़ का नाम लिखवा दिया गया था जबकि दोषी व्यापारी के खिलाफ कार्रवाई होना चाहिए। प्रकाश का कहना है कि मैं व्यापारी को नाम से नहीं जानता था, इसलिए गलत तरीके से निलेश राठौड़ का नाम लिखवा दिया गया, जबकि निलेश राठौड़ मौके पर ही उपस्थित नहीं थे।
व्यापारी ने भी दिया आवेदन-
इस संबंध में निलेश राठौड़ ने भी मंडी सचिव के नाम एक आवेदन दिया जिसमें बताया की मंडी में 18 मार्च को तौल में गड़बड़ी हुई थी उस दिन मै मंडी में आया ही नहीं था। मैं उस दिन रतलाम था। मेरे द्वारा किसी भी किसान से माल नहीं लिया गया, जबकि मेरा लाइसेंस अस्थाई तौर पर निरस्त किया गया है यहां तक की जो कपास और तौल कांटा जब्त किया गया है वह भी मेरा नहीं है, अन्य व्यापारियों ने गलत तरीके से मेरा नाम फंसाया है। इसके लिए मुझे दोष मुक्त कर वास्तविक दोषी के विरूद्ध कार्रवाई की जाए।
जिम्मेदार बोल-
व्यापारी का आवेदन प्राप्त हुआ है। जांच पड़ताल करने के बाद ही निर्णय लिया जाएगा और जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।
– उत्सवलाल गुप्ता, मंडी सचिव

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