सामूहिक दुष्कर्म : 48 घंटे बाद भी सुलग रहे सवाल

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संजय गांधी, बोरी 

बोरी थाना अंतर्गत आने वाले एक ग्राम में विधवा महिला के साथ हुई डकैती, सामूहिक दुष्कर्म और रूह कंपा देने वाली बर्बरता के बाद पूरे अलीराजपुर जिले में उबाल है। घटना के 48 घंटे बीत जाने के बाद भी क्षेत्र में तनाव और भारी आक्रोश व्याप्त है। इस अमानवीय कृत्य ने जहां एक ओर पूरे जिले के पुलिस प्रशासन को हिलाकर रख दिया है और महकमा अलर्ट मोड पर है, वहीं दूसरी ओर इस मुद्दे पर अब भारी सियासी सरगर्मी भी शुरू हो गई है। दलगत राजनीति से ऊपर उठकर सभी राजनीतिक दल और सामाजिक संगठन पीड़िता के पक्ष में लामबंद होते दिखाई दे रहे हैं।

घटनास्थल बना सियासी केंद्र: कांग्रेस-बीजेपी नेताओं का दौरा

इस जघन्य वारदात के बाद से ही पीड़िता के घर पर राजनीतिक दिग्गजों के पहुंचने का सिलसिला जारी है।

विपक्ष (कांग्रेस) की सक्रियता: घटना की सूचना मिलते ही कांग्रेस की ओर से झाबुआ विधायक डॉ. विक्रांत भूरिया और जोबट विधायक सेना पटेल के पति व वरिष्ठ नेता महेश पटेल ने तत्काल घटनास्थल का दौरा किया। उन्होंने पीड़िता के परिजनों से मुलाकात कर ढाढस बंधाया और पुलिस प्रशासन की निष्क्रियता पर तीखे सवाल खड़े किए।

सत्तापक्ष (बीजेपी) भी मैदान में: मामले की गंभीरता को देखते हुए झाबुआ बीजेपी जिलाध्यक्ष भानु भूरिया ने भी मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और अधिकारियों से बात की।

आज पहुंचेंगे कैबिनेट मंत्री नागर सिंह और सांसद अनीता चौहान

मामले में बढ़ते जनाक्रोश को देखते हुए आज भारी संख्या में बीजेपी के शीर्ष नेता घटना स्थल पर पहुंच रहे हैं। मध्य प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री और अलीराजपुर विधायक नागर सिंह चौहान, रतलाम-झाबुआ सांसद अनीता नागर सिंह चौहान, पूर्व जोबट विधायक माधोसिंह डावर और अलीराजपुर बीजेपी जिलाध्यक्ष मकू परवाल सहित कई बड़े नेता आज घटनास्थल का दौरा करेंगे और पीड़ित परिवार से मुलाकात कर निष्पक्ष व कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिलाएंगे।

विभिन्न संगठनों’ का आज बोरी बंद का आह्वान, पक्ष विपक्ष सभी लामबंद ..

इधर, इस अमानवीय घटना के विरोध में आदिवासियों और युवाओं के प्रमुख संगठन जय आदिवासी युवा संगठन (JAYAS) सहित क्षेत्र के तमाम सामाजिक संगठनों ने आज ‘बोरी बंद’ का आह्वान किया है। व्यापारिक संगठनों ने भी इस बंद को अपना समर्थन दिया है। बंद के चलते बोरी क्षेत्र में सुबह से ही सन्नाटा पसरा हुआ है और सुरक्षा के लिहाज से चप्पे-चप्पे पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।

48 घंटे बीते: कार्रवाई पर उठे सवाल, थाना प्रभारी पर SP के ‘अबूझ स्नेह’ की चर्चा तेज

इस पूरी घटना में सबसे बड़ा और यक्ष प्रश्न पुलिस प्रशासन की नीयत पर खड़ा हो रहा है। वारदात को 48 घंटे से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन जनता के मन में सुलग रहे सवालों के जवाब अब तक नहीं मिले हैं।

जनता का तीखा सवाल: पिछले कुछ समय में बोरी थाना क्षेत्र में 2-3 मर्डर, सरेराह लड़कियों का अपहरण, पत्थरबाजी और लगातार चोरियां हो रही हैं। इसके बावजूद अलीराजपुर पुलिस अधीक्षक (SP) महोदय की ऐसी क्या मजबूरी या ‘अबूझ स्नेह’ है कि वे तमाम विरोधों के बाद भी बोरी थाना प्रभारी को हटाने का साहस नहीं जुटा पा रहे हैं?

न्याय की आस में जनता

भले ही पुलिस विभाग कागजों पर अलर्ट मोड का दावा कर रहा हो, लेकिन धरातल पर अपराधियों के बेखौफ हौसलों ने पुलिसिंग की पोल खोल दी है। अब देखना यह होगा कि कैबिनेट मंत्री और बड़े नेताओं के दौरे तथा सामाजिक संगठनों के इस भारी दबाव के बाद क्या जिला प्रशासन नींद से जागता है? क्या लापरवाह पुलिस अधिकारियों पर गाज गिरेगी और पीड़िता को त्वरित न्याय मिल पाएगा? क्षेत्र की जनता की नजरें अब सीधे सरकार और प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हैं।

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