संजय गांधी, बोरी भारतीय जनसंघ के संस्थापक और प्रखर राष्ट्रवादी नेता डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी की जन्म जयंती बोरी मंडल में बड़े ही आदर और उत्साह के साथ मनाई गई। इस अवसर पर ग्राम पंचायत बोरी में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें स्थानीय जनप्रतिनिधियों, संगठन के पदाधिकारियों और बड़ी संख्या में ग्रामीण जनों ने सहभागिता की। कार्यक्रम की शुरुआत में उपस्थित अतिथियों ने डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी के तैलचित्र पर माल्यार्पण कर और दीप प्रज्वलित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। देश की एकता और अखंडता के प्रतीक थे डॉ. मुखर्जी: सोमसिंह सोलंकी कार्यक्रम के मुख्य अतिथि और बोरी मंडल के प्रभारी व जनजाति मोर्चा के प्रदेश मंत्री सोमसिंह सोलंकी ने डॉ. मुखर्जी के जीवन और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा: “डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी ने ‘एक देश में दो विधान, दो प्रधान और दो निशान नहीं चलेंगे’ का नारा देकर देश की अखंडता के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दे दिया। उनका जीवन और उनके विचार आज भी हम सभी के लिए प्रेरणापुंज हैं।” वरिष्ठ जनप्रतिनिधि और पदाधिकारी रहे उपस्थित इस गौरवमयी अवसर पर बोरी मंडल के सह-प्रभारी संजय गांधी ने भी अपने विचार व्यक्त किए और कार्यकर्ताओं से डॉ. मुखर्जी के पदचिह्नों पर चलने का आह्वान किया। कार्यक्रम में मुख्य रूप सेराधेश्याम राठौड़ (उपसरपंच, ग्राम पंचायत बोरी) प्रकाश मोरी (मंडल महामंत्री) नयन जैन , हर्षवर्धन भाटी, विनोद बारिया नवलसिंह अमलियार (सरपंच)मुकाम सिंह (सरपंच) सहित क्षेत्र के कई गणमान्य नागरिक और ग्रामीण जन उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी लोगों ने देश हित और समाज सेवा के कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने का संकल्प लिया। Post navigation उदयगढ़ विकासखंड: प्रशासनिक अनदेखी का जीवंत उदाहरण, मौत के साए में नौनिहाल विधवा महिला से लूटपाट के बाद गैंगरेप किया, हथियारों के दम पर बंधक बनाया