सुनील खेड़े, जोबट

बैंक ऑफ इंडिया की जोबट शाखा के मैनेजर मनोज भट्टाचार्य के हौसले इतने बुलंद है कि वह अपने खाताधारकों (ग्राहकों ) को पूलिस के हाथों से डंडे खिलाने तक की बात करते रहते है।
जिस बैंक शाखा का अगर मेनेजर ही ग्राहकों से इस प्रकार का व्यवहार व बदसलूकी करें तो वहां के कर्मचारी व गार्ड का रवैया कैसा होगा आप अंदाजा लगा सकते हैं जी हां अगर आप जोबट की बैंक ऑफ इंडिया की शाखा में जा रहे हैं और आपको कोई समस्या लगती है तो आप बैंक मे कुछ भी ना बोले अगर आप कुछ बोलते हैं तो वहां के बैंक मैनेजर मनोज भट्टाचार्य पुलिस के हाथों से डंडे खिलाने की धमकी देते है वही भी अपने ही खाताधारकों को बैंक अधिकारियों की कार्यप्रणाली से बैंक उपभोक्ता खासे नाराज और परेशान हैं बताया जाता है कि बैंक में आने वाले ग्राहकों की कई बार बैंक कर्मियों से नोकझोंक भी हो चुकी है यहां तक कि बैंक के अधिकारी और उपभोक्ताओं का विवाद कई बार पुलिस थाने तक पहुंचने की नौबत भी आ जाती है बावजूद इसके बैंक प्रबंधन अपने काम करने की शैली में बदलाव नहीं कर पा रहा है बैंक में मौजूद सुरक्षा गार्ड भी ग्राहकों की भीड़-भाड़ से उपजी अव्यवस्थाओं को दूर करने की अपनी ड्यूटी की बजाए बैंक में पहुंचने वाले रसूखदार ग्राहकों का काम पहले करवाने में जुटे रहते हैं जबकि आम ग्राहकों के लिए सुरक्षा गार्ड मुख्य गेट में ताला डालकर बैंक के अंदर चले जाते हैं जहां उपभोक्ता बाहर से बैंक के अंदर झांककर गेट खोलने की फरियाद करते हैं पर बैंक प्रबंधन बाहर से गेट खुलवाने खड़े ग्राहकों की अनदेखी करता है जिससे उपभोक्ता अपने आप को लज्जित व उपेक्षित महसूस करते हैं
उपभोक्ताओं ने सुनाई समस्या
जोबट के हर्षित शर्मा ने बताया कि बैंक ऑफ इंडिया जोबट की शाखा में अपनी फर्म बालाजी ऑटो पार्ट्स का खाता कई सालों से खुला रखा है। इस खाते को खोलने के बाद से कई बार पैन कार्ड व जीएसटी नंबर बैंक कर्मचारी व अधिकारी को सौंपे गए हैं और उक्त खाते की लेन देन भी जारी है । 28/4/2020 गुरुवार की दोपहर 2:30 बजे उक्त खाते में तीन लाख रूपये जमा भी किए गए थे ओर जमा भी हो गये थे ।
लेकिन दोपहर 2:45 पर उक्त खाताधारक आरटीजीएस के लिए फॉर्म सबमिट करने भेजा तो बैंक कर्मचारियों ने फार्म में अधूरी जानकारी है ऐसा कह कर वापस भेज दिया दूसरी बार पुनः आवेदन व चेक लेकर भेजा तो वापस रवाना कर दिया जब तीसरी बार पुनः खाताधारक बैंक में पहुंचा तो बैंक गार्ड और बैंक मैनेजर ने खाताधारक से बदतमीजी की और पुलिस से डंडे खिलाने तक की बात कही काफी बातचीत करने के बाद बैंक के गार्ड के द्वारा आरटीजीएस का फॉर्म भर चेक ले लिया गया और कहा कि आपका काम हो जाएगा आप चिंता ना करें 15 मिनट बाद बैंक ऑफ इंडिया की शाखा जोबट से खाता धारक के पास फोन आता है और वहां से बैंक के कर्मचारी बोलते हैं कि आपका आरटीजीएस कैंसिल हो गया आप उसे पैन कार्ड से लिंक करवाएं तो ही आपका आरटीजीएस हो पाएगा जब खाताधारक ने पूछा कि मैंने आज ही इस खाते में पैसे जमा कराएं तब कोई समस्या नहीं आई और मैंने अभी आरटीजीएस किया तो मेरा खाता बंद हो गया अगर इस फर्म का खाता पैन कार्ड से लिंक नही होता तो 15 मिनट पहले तीन लाख रूपये केसै जमा कर लिये गये यह सबसे बडा सवाल है

कब तक करते रहेंगे खाताधारकों का शोषण
आखिर कब तक करते रहेगे बेंक ऑफ इंडिया के कर्मचारी लोगों को परेशान एक समय था जब बैंक ऑफ इंडिया के कर्मचारी इस बैंक में खाता खुलवाने के लिए लोगों के हाथ पैर जोड़ते हैं लेकिन आज यही स्थिति है की खाताधारक इस बैंक से काफी परेशान है कई लोगों ने बैंक ऑफ इंडिया जोबट से खाता बंद कर अन्य बैंक में खाता खुल आने का मन भी बना लिया है

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