लोहित झामर, मेघनगर

प्रसिद्ध तीर्थस्थल फुटतालाब में मां की आराधना और गरबों की गूंज के बीच आस्था, संस्कृति और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। श्री वनेश्वर मारुति नंदन नवरात्रि महोत्सव में प्रतिदिन श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ नए कीर्तिमान स्थापित कर रही है। अनुशासन, धार्मिक आस्था और भारत की विविध पारंपरिक संस्कृतियों को एक सूत्र में पिरोने वाला यह महोत्सव प्रदेशभर में अपनी अलग पहचान बना रहा है। गरबा महोत्सव में उमड़ रही हजारों ग्रामीण बेटियों और श्रद्धालुओं की भीड़ के चलते पंडाल पूरी तरह खचाखच भरा नजर आया और पैर रखने तक की जगह नहीं बची।

कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री नागर सिंह चौहान, समाजसेवी बृजेंद्र ‘चुन्नू’ शर्मा, कमरू अजनार, भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष शैलेष दुबे, पिछड़ा वर्ग मोर्चा जिला अध्यक्ष कमलेश दातला, युवा मोर्चा जिला अध्यक्ष प्रकाश परमार, सुशील शर्मा, रमेश परमार, उदय बिलवाल एवं झाबुआ के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक की उपस्थिति ने आयोजन की गरिमा बढ़ाई।

ग्रामीण बेटियों की प्रस्तुतियों ने किया भावविभोर

महोत्सव में क्षेत्र की ग्रामीण बेटियों ने गरबों के माध्यम से गौमाता के संरक्षण और किसानों से जुड़े विषयों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। इन प्रस्तुतियों ने मुख्य अतिथियों को भावविभोर कर दिया। बेटियों की प्रतिभा और सामाजिक जागरूकता से प्रभावित होकर कैबिनेट मंत्री नागर सिंह चौहान एवं आयोजन समिति के सदस्य जैन ने उन्हें पुरस्कृत कर उत्साहवर्धन किया।

मुख्य अतिथियों के स्वागत में भी ग्रामीण बेटियों ने क्षेत्र की समृद्ध लोकसंस्कृति की झलक प्रस्तुत की। गरबों के माध्यम से उन्होंने बताया कि उन्हें अपनी संस्कृति पर गर्व क्यों है और किस तरह परंपराएं समाज को एकजुट करने का कार्य करती हैं। भारतीय मूल के पायलट कैप्टन स्मित मच्छार पर आधारित प्रस्तुति भी आकर्षण का केंद्र रही। ग्रामीण बेटियों ने अपनी कला के माध्यम से उनके योगदान को दर्शाते हुए उपस्थित लोगों का मान बढ़ाया।

धर्म और संस्कृति के संरक्षण के लिए किया सम्मान

खवासा स्थित मां रोग्या देवी मंदिर समिति से राहुल एवं अन्य सदस्य फुटतालाब पहुंचे। समिति के सदस्यों ने धर्म को मजबूत बनाने और हजारों युवाओं को धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं से जोड़ने के प्रयासों के लिए समाजसेवी जैन एवं उनके परिवार का सम्मान किया। इस दौरान महोत्सव के माध्यम से नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति से जोड़ने के प्रयासों की सराहना की गई।

पंडाल में उमड़ा जनसैलाब, व्यवस्था में जुटे आयोजक

फुटतालाब में गरबा देखने और खेलने के लिए श्रद्धालुओं का ऐसा जनसैलाब उमड़ा कि पूरे पंडाल में पैर रखने तक की जगह नहीं बची। बाहर से आए गरबा दलों के साथ क्षेत्र की ग्रामीण बेटियों और बड़ी संख्या में स्थानीय माताओं-बहनों ने पारंपरिक वेशभूषा में गरबा कर वातावरण को भक्तिमय बना दिया।

भीड़ को देखते हुए आयोजक प्रशासन के सहयोग से श्रद्धालुओं के बैठने और अन्य व्यवस्थाओं को सुचारू बनाए रखने में लगातार जुटे रहे। इसके बावजूद भारी संख्या में पहुंचे लोगों को पंडाल में स्थान नहीं मिल सका। उत्साह, अनुशासन और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने फुटतालाब के इस आयोजन को क्षेत्र के प्रमुख धार्मिक एवं सांस्कृतिक महोत्सवों में विशेष स्थान दिलाया है।

संस्कृति से जुड़ने की अपील

आयोजन समिति के वरिष्ठ सदस्य रिंकू जैन, जैकी जैन एवं मंदिर के महंत दिलीपदास महाराज ने श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में फुटतालाब पहुंचने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह महोत्सव केवल गरबा खेलने का आयोजन नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, धार्मिक आस्था, सामाजिक एकता और नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम है। ऐसे आयोजनों में सहभागिता कर हम अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ा सकते हैं।

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