मयंक विश्वकर्मा, आम्बुआ
आम्बुआ कस्बे का यह दुर्भाग्य है कि अनेकों बार आवेदन देने के बावजूद प्रशासन स्तर पर बसों के प्रति कोई कार्रवाई नहीं हो रही है तथा बसे अभी भी कस्बे के बाहर से जा रही है। इस कारण यात्रियों को पूर्व में ठंड तथा गर्मी में परेशानी झेलना पड़ी वही अब वर्षा में भीगने को मजबूर होना पड़ रहा है 8 जुलाई को प्रदेश भाजपा अध्यक्ष जिले के दौरे पर आए तो आम्बुआ मेंं स्वागत के दौरान उन्हें भी एक आवेदन दिया गया ताकि वे शासन स्तर पर इस समस्या का निवारण कराकर नागरिकों को राहत प्रदान करा सके। गौरतलब है कि आम्बुआ कस्बे में विगत कई वर्षों से प्रांतीय तथा अंतरप्रांतीय कई लंबी दूरी की यात्री बसे कस्बे में नहीं आ रही है यात्रियों को डेढ़ किमी दूर उतार जाती है यात्रियों द्वारा पूछने पर उनके साथ दुव्र्यवहार किया जाता है इसकी शिकायत कस्बे के नागरिकों ने हस्ताक्षरयुक्त आवेदन जनसुनवाई में 25 जुलई 17 को जिलाधीश को दिया था जहां से आरटीओ अलीराजपुर को निराकरण हेतु यह आवेदन दिया गया। लगभग 3 माह तक जब आरटीओ ने कोई कार्रवई नहीं की तो हमारे प्रतिनिधि तथा कस्बे के वरिष्ठ पत्रकार जगराम विश्वकर्मा ने 16 अक्टूबर 17 को परिवहन कार्यालय अलीराजपुर में परिवहन अधिकारी से मिलकर शिकायत हल करने का निवेदन किया जहां पर उन्होंने एक आवेदन व्यक्तिगत रूप से देने का कहा गया तब एक आवेदन पुन: 16 अक्टूबर 17 को दिया गया मगर कोई कार्यवाही नहीं हुई। आम्बुआ में कलेक्टर गणेश शंकर मिश्रा ने 15 जनवरी 18 को जिले के समस्त अधिकारियों की एक कार्यशाला आयोजित की कार्यक्रम समापन उपरांत पत्रकार संघ आंबुआ, पूर्व सरपंच जुवानसिंह रावत, उपसरपंच विकास माहेश्वरी आदि ने जिलाधीश को बसों के कस्बे में नहीं आने का आवेदन पूर्व आवेदन तथा समाचार पत्रों की कतरनों के साथ दिया जिलाधीश द्वारा एसडीएम ठाकुर को जांच का जिम्मा सौंपा। लगभग आज छह माह तक कोई कार्यवाही नहीं होने पर 8 जुलाई 18 को प्रदेश भाजपा अध्यक्ष राकेश सिंह को आम्बुआ आवागमन पर पुन: आवेदन आवेदन की छाया प्रति समाचार पत्रों की कॉपी के साथ दिया गया लोगों को आशा है कि प्रदेश अध्यक्ष इस महत्वपूर्ण समस्या को शासन स्तर पर अवश्य हल कराएंगे तथा प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देशित कराएंगे ताकि नागरिकों की परेशानी का हल हो सके।

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