मयंक विश्वकर्मा, आम्बुआ खेतों में इस समय रबी मौसम की फसलें पकने लगी है। इधर क्षेत्र में मौसम परिवर्तन होता रह रहा है,जिसे देखते हुए, कृषक चिंतित नजर आ रहे हैं। कहावत है कि दूध का जला छांछ भी फूंक-फूंक कर पीता है,यही स्थिति यहां पर क्षेत्रीय कृषकों की है, कारण कि कभी अतिवृष्टि तो कभी सूखे के कारण खरीफ की फसलें पकने के समय खराब हो गई जिसके कारण किसानों को भारी नुक्सान उठाना पड़ा। इधर रबी की फसलें भी लग भग पकने की कगार पर है कुछ स्थानों पर फसलें तैयार हो चुकी है,उसी के साथ ही मौसम भी रोज़ रोज़ बिगड़ रहा है। बादल छाए होने से बारिश की शंका कुशंका के कारण कृषक खेतों में पकी हुई फसलों को समेटने में लग रहें ताकि अनाज समय पर खलिहान से घर तथा मंडी तक जल्दी से पहुंचाया जा सके। Post navigation आम्बुआ कस्बे में सड़क दिनों दिन होती जा रही है संकरी मधु मक्खियों ने तीन लोगों को डंक मारकर घायल किया, एक को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा