मयंक विश्वकर्मा, आम्बुआ अभी हाल ही में अनंत चतुर्दशी तिथि को भगवान श्री गणेश जी की प्रतिमा की स्थापना कर दस दिनों तक भक्तों द्वारा पूजा अर्चना की गई ,इन दस दिनों में सार्वजनिक पांडालों के अतिरिक्त निजी तौर पर घरों में विराजमान किए गए गणपति बप्पा घरों में परिवार के सदस्य जैसे हो जाते हैं, परिवार का उनसे इतना लगाव हो जाता है कि उनसे बिछड़ने की कोई कल्पना नहीं कर सकता है इसका प्रत्यक्ष प्रमाण आम्बुआ में गणेश जी की मूर्तियों के विसर्जन के समय देखने को मिला जब एक नन्हा बच्चा गणेश जी को छोड़ना नहीं चाहता था और रो रो कर उन्हें बिदा नहीं करने की ज़िद करता रहा परिजनों ने बड़ी मुश्किल से समझाया तब कहीं मूर्ति विसर्जन किया जा सका। Post navigation अगले बरस तू जल्दी आ, गणपति बप्पा मोरया के नारों के साथ भारी मन से गिरते पानी में विदा किया अनुशासन के साथ कदमताल करते निकले स्वयं सेवक