झाबुआ लाइव के लिए पेटलावद से हरीश राठौड़ की रिपोर्ट-
हर संास किसानों के लिए लेने का दावा करने वाले मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान के दावे की धज्जियां पेटलावद के कृषि उपज मंडी में उड़ती नजर आ रही है। मंडी में सुविधाएं देने में यहां के अफसर बेपरवाह नजर आ रहे है। मंडी में इलेक्टानिक तौलकांटा वर्षो सें बंद है। किसानों को अपनी उपज तुलवाने के लिए निजी तौल कांटो पर निर्भर है। किसानों को पीने के लिए पानी भी नहीं मिल पा रहा है। वही किसानों के लिए 5 रुपए में भोजन उपलब्ध करवाने के सरकारी दावों की यहां हवा निकल चुकी है। ऐसे में ऐसे में सबसे बडा सवाल यह है कि करोडो खर्च करने के बाद भी यदि यहां किसान असंतुष्ट नजर आतेे है तो उन दावो का क्या जहां मंडी को बेहतरीन होने का दावा किया जा रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार किसान आंदोलन के बीच प्याज खरीदी के लिये बनाये केन्द्र पर कोई सुविधाए ही नहीं है। लंबी कतारों के बीच बेहाल किसान सिर्फ परेशान ही नजर आता है। पेटलावद की कृषि उपज मंडी में करीब दस हजार क्विंटल प्याज की खरीदी हो चुकी है। इधर मंडी प्रशासन किसानो के लिए तत्पर रहने का दावा करता नही थकता लेकिन मौके पर स्थिति और ही कुछ नजर आ रही है।
तोल कांटा वर्षो से बंद
मंडी में आने वाले किसानों की उपज के वाहनों को तुलवाने के लिए करीब 11 लाख की लागत से इलेक्टानिक तौल कांटा लगा हुआ है , लेकिन बताया जाता है कि उक्त तौल कांटा कुछ समय तक चलता रहा उसके बाद इस और किसी का ध्यान ही नहीं गया। मजबूरी में यहां उपज लेकर आने वाले वाहनो को तुलवाने के लिये निजी कांटो पर निर्भर होना पड़ रहा है।
पेयजल टंकी शो-पीस
मंडी परिसर में लाखों की लागत की बनी पेयजल टंकी भी मात्र शो पीस नजर आ रही है। बताया जाता है कि निर्माण के बाद एक बार भी उक्त टंकी में पानी नहीं भरा गया है। सुदूर अंचल से अपनी उपज तुलवाने आने वाला किसान पेयजल के लिए होटल पर निर्भर ही रहना पडता है। यही नही मंडी प्रांगण में किसानो को 5 रूपये में भोजन देने की योजना पर किसी का ध्यान नहीं है जबकि अधिकारी अपनी उपलब्धियां गिनवा रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर कुछ भी नजर नहीं आ रहा है।
किसानो की जुबानी
कल से अपना प्याज तुलवाने के लिए आया हूं , मंडी में न पीने का पानी है न भोजन। हमें होटल पर निर्भर रहना पड रहा है। रायचंद किसान- मोहनपुरा
मंडी में कोई व्यवस्था नहीं है पानी और रोटी बाहर होटल से लाकर खा रहे है। रामचंद किसान – कालीघाटी

पेटलावद में तुल रहे प्याज अन्य जिलो से आ रहा है। इस मामले में मैंने अधिकारियों को फोन से अवगत करवा दिया है। प्याज तौलने वाले किसानों के यहां पटवारी को भेजकर सत्यापन किया जाना चाहिए।
– नंदलाल मेण किसान, खवासा
जिम्मेदार बोले-
तोलकांटा मेरे कार्यकाल में नही लगा हुआ है इसलिये मुझे नही मालूम रही बात किसानो को परेशाानी की तो किसानो को हर संभव सुविधाएं दी जा रही है । भोजन भी दिया जा रहा है।
उत्सवलाल गुप्ता- सचिव कृषि उपज मंडी पेटलावद

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