भूपेंद्रसिंह नायक, पिटोल
बैतूल अमदाबाद नेशनल हाईवे के पास छोटी-पिटोल से पुराने आरटीओ के पास तक का 2.62 किलोमीटर का पिटोल गांव में आने वाला रोड जिसका निर्माण मारुति कंस्ट्रक्शन कंपनी अहमदाबाद द्वारा किया जा रहा है यह रोड लॉकडाउन के पहले शुरू हुआ था परंतु लॉकडाउन की वजह से काफी दिनों तक आधा किलोमीटर का रोड खोदकर कच्ची बॉर्डर डालकर छोड़ दिया गया था जिससे रोड के पास में रहने वाले गांव वासियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। देश में अनलॉक खुलने के साथ ही रोड निर्माण का कार्य चालू हुआ। इस रोड निर्माण में ठेकेदार अपने हिसाब से रोड निर्माण कर रहा है इसमें काफी अनियमितता है आधा किलोमीटर का रोड जो खोदकर पहाड़ों की मिट्टी से भरा किया था के द्वारा रोड बनाने के तरीके से लगता है रोड में भारी बारिश में उखड़ जाएगा। ठेकेदार रोड के अंतर्गत बनाए गए नालों पर मिट्टी डालकर उसके ऊपर डामरीकरण किया जा रहा है। भारी वाहनों पर गुजरेंगे तो नाला दब जाएगा और दुर्घटनाएं होगी। वर्तमान में नेशनल हाईवे पर ग्राम खेड़ी में बने नाले की यही स्थिति है खेड़ी में दुर्घटनाएं होना आम बात हो गई है। ऐसी ही स्थिति छोटी पिटोल में बने नाले पर होने वाली है समय रहते विभाग को इस ओर ध्यान देना चाहिए। इस इसमें कच्ची मिटटी भरी हुई है रोड रोड पर जब नाला बनाया था तो नाले के नीचे पक्का कंस्ट्रक्शन भी नहीं किया गया और नाले के दोनों और मिट्टी निकली उसको नाले के पाइप मुह के पास छोड़ दिया गया जिससे वहां पास में रहने वाले लोग पानी रुकने की वजह से परेशान है जिसका नाले के पास रहने वाले ग्रामीणों ने विरोध भी किया कि अगर या मिट्टी नहीं उठाए तो हमारे घरों में पानी घुस जाएगा और पानी रुकेगा मच्छर होंगे तो हमारे बच्चे बीमार होंगे परंतु रोड के ठेकेदार एवं उसके कर्मचारी किसी से किसी की बात सुनने को तैयार ही नहीं है। पिटोल बस स्टैंड तेजाजी मंदिर से छोटी पिटोल तक का रोड पर काफी अच्छा था उसके उसके ऊपर रोड निर्माण डामरीकरण करने में कहीं इमल्शन डाला जाता तो कहीं छोड़ दिया जाता है। रोड के किनारों की सफाई भी व्यवस्थित नहीं की जाती है और आगे का रोड बनाने लग जाते हैं । यह रोड 7 मीटर चौड़ा है परंतु कुछ जगह रोड बनाने से पहले ही दोनों तरफ बोल्डर और मिट्टी से रोड से ऊपर तक का भराव कर दिया जिसमें रोड नीचा हो गया है जबकि रोड दोनों तरफ बनने के बाद ही भरा होता है। रोड के बीच में बने गड्ढों में भी मिट्टी के ऊपर ही डामरीकरण किया जा रहा है पहले यह रोड सीमेंट का बनना था परंतु लागत बढऩे से डामर का बनाया जा रहा है।

रोड में निर्माण मे जिम्मेदार विभाग को ध्यान देना चाहिए इस रोड का टेंडर लोक निर्माण विभाग धार द्वारा पास किया गया है और इसकी निगरानी लोक निर्माण विभाग झाबुआ द्वारा के अंतर्गत है इस रोड का टेंडर कुछ वर्ष पूर्व हुआ था परंतु ठेकेदार द्वारा काम चालू नहीं किया गया तो विभाग द्वारा ठेकेदार को ब्लैक लिस्टेड करने की तैयारी की गई इसी के चलते यह रोड आनन-फानन में चालू कर दिया और ठेकेदार जैसे तैसे बना कर इतिश्री करना चाहता है जबकि रोड पर बने नाले व्यवस्थित तरीके से नहीं बने हैं। रिहायशी क्षेत्र में में रोड के दोनों तरफ नाली का निर्माण होना है जब ठेकेदार से रोड निर्माण के बारे में रोड के पास में रहने वाले लोग रोड निर्माण की गुणवत्ता की बात करते हैं एवं व्यवस्थित तरीके से रोड बनाने की बात करते हैं या कुछ पूछता है तो ठेकेदार कहता है कि मेरी शिकायत कलेक्टर और एसडीएम से करो, फर्क नहीं पड़़ता है।

जनप्रतिनिधि की सुनो-
छोटी पिटोल रोड पर बने नाले पर व्यवस्थित कठोर भराव नहीं किया तो रोड दब जाएगा और दुर्घटनाएं होंगी विभाग को ध्यान देकर नाले को व्यवस्थित नाले पर व्यवस्थित रोड बनवाना चाहिए। खुना गुंडिया, पूर्व सरपंच छोटीपिटोल
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इस बारे में अधिक जानकारी के लिए लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को फोन लगाया तो उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।

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