भूपेंद्र चौहान, चंद्रशेखर आज़ाद नगर मथना गांव के ग्रामीणों ने प्रस्तावित नई खदान के विरोध में एसडीएम कार्यालय, चंद्रशेखर आज़ाद नगर पहुंचकर कड़ा विरोध दर्ज कराया और ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने पेसा एक्ट के प्रावधानों का हवाला देते हुए अपने गांव में किसी भी प्रकार की खनन गतिविधि को पूरी तरह अस्वीकार किया। ग्रामीणों ने बताया कि पूर्व विधायक की बहू सुनमना पति कुलदीप डावर द्वारा खनिज उत्खनन के लिए आवेदन प्रस्तुत किया गया है, जिसे ग्राम सभा ने सर्वसम्मति से खारिज कर दिया। इस संबंध में ग्राम सभा की विधिवत बैठक आयोजित कर प्रस्ताव पारित किया गया, जिसमें स्पष्ट निर्णय लिया गया कि मथना गांव की सीमा में किसी भी नई खदान को अनुमति नहीं दी जाएगी। ग्राम सभा द्वारा पारित प्रस्ताव को पेसा एक्ट के तहत एसडीएम कार्यालय में प्रस्तुत किया गया। एसडीएम निधि मिश्रा ने ज्ञापन को संज्ञान में लेते हुए मामले को आगे की आवश्यक कार्रवाई हेतु खनिज विभाग को प्रेषित किया। उन्होंने आश्वस्त किया कि ग्राम सभा की सहमति के बिना किसी भी प्रकार की खदान स्वीकृति नहीं दी जाएगी तथा नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इस पूरे घटनाक्रम में पेसा एक्ट की ब्लॉक कोऑर्डिनेटर सोनिया भाबर की अहम भूमिका रही, जिनके माध्यम से ग्रामीणों को उनके संवैधानिक और कानूनी अधिकारों की जानकारी मिली। जागरूकता के चलते ग्रामीणों ने कानून को समझते हुए संगठित रूप से अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ी। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि वे विकास के विरोधी नहीं हैं, लेकिन पेसा एक्ट के अंतर्गत ग्राम सभा की स्वीकृति के बिना किसी भी प्रकार का खनन स्वीकार नहीं किया जाएगा। Post navigation मिशन डी-3 को लेकर समाज सुधार की बड़ी बैठक, डीजे-दारू-दहेज के खिलाफ जागरण का आह्वान एनएच निर्माण में अधिग्रहित भूमि के मुआवजे को लेकर ग्रामीणों का विरोध, चार गुना मुआवजे की मांग