भूपेंद्र चौहान, चंद्रशेखर आज़ाद नगर चंद्रशेखर आज़ाद नगर (भाबरा) में डी3 मिशन (डीजे, दारू और दहेज बंद) को लेकर एक महत्वपूर्ण समाज सुधार बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में शिवगंगा के राजा राम कटारा, समाजसेवी सुरेश जी गंवा, भील समाज के समाज सुधारक, नजन समाजसेवी एवं बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे। बैठक को संबोधित करते हुए राजा राम कटारा ने दो टूक शब्दों में कहा कि दहेज, दारू और डीजे जैसी सामाजिक बुराइयाँ एक दिन में खत्म नहीं हो सकतीं। इसके लिए लगातार गांव-गांव जाकर जागरण, रात्रिकालीन बैठकों और समझाइश की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि केवल बाजार में 10-20 या 50 लोगों को इकट्ठा कर मीटिंग कर लेना और यह कहना कि समाज सुधर जाएगा, यह एक भ्रम है। समाज सुधार के लिए जमीनी स्तर पर गांव में जाना होगा, सरपंच, पटेल और गांव के जिम्मेदार लोगों को साथ लेना होगा।” राजा राम कटारा ने दहेज प्रथा पर चिंता जताते हुए कहा कि “दहेज कभी ₹500-₹1000 से शुरू हुआ था, जो आज बढ़ते-बढ़ते ₹8-10 लाख तक पहुंच गया है। अब समय आ गया है कि दहेज नहीं, बल्कि कर्म और संस्कार को महत्व दिया जाए।” उन्होंने स्पष्ट किया कि समाज सुधार का रास्ता कानून हाथ में लेने से नहीं, बल्कि समझाइश और जागरूकता से निकलेगा। उन्होंने कहा कि किसी गांव में एक-दो गलत लोग पूरे गांव को बदनाम कर देते हैं, इसलिए पूरे गांव को दोषी ठहराना गलत है। राजनीति से दूरी रखने की अपील करते हुए उन्होंने कहा कि “कांग्रेस हो या बीजेपी या कोई भी राजनीतिक दल — समाज सुधार को राजनीति से दूर रखकर करना होगा। अगर लोग जागरूक हो जाएंगे तो व्यवस्था अपने आप सुधर जाएगी।” राजा राम कटारा ने यह भी कहा कि वे कड़वा बोलते हैं, इसलिए कई लोगों को बुरा लगता है, लेकिन उनका उद्देश्य केवल और केवल समाज का भला और सुधार है। बैठक में उपस्थित सभी समाजसेवियों ने डी3 मिशन को गांव-गांव तक पहुंचाने, युवाओं को जागरूक करने और सामाजिक बुराइयों के खिलाफ संगठित प्रयास करने का संकल्प लिया। कलेक्टर एसपी को आवेदन न देते हुए राज्यपाल के नाम पर ज्ञापन दिया जाए कि हमारे यहां यह मांग ये है पेसा एक्ट कानून के बारे में भी विस्तृत से उन्होंने समझाया इसकी एजेंसी राज्यपाल है और वही हमारे लिए मदद कर सकते हैं। Post navigation चंद्रशेखर आज़ाद नगर में रात्रिकालीन प्लास्टिक बॉल क्रिकेट टूर्नामेंट का आयोजन होगा पेसा एक्ट के तहत मथना गांव में खदान प्रस्ताव का विरोध, ग्रामीणों ने एसडीएम को सौंपा ज्ञापन