भूपेंद्र चौहान, चंद्रशेखर आज़ाद नगर केंद्र सरकार द्वारा स्वीकृत नए राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) निर्माण के कारण अधिग्रहित की जा रही ग्रामीणों की भूमि के मुआवजे को लेकर चंद्रशेखर आज़ाद नगर क्षेत्र के ग्रामीणों ने असंतोष जताया है। ग्रामीणों का कहना है कि वर्तमान में जो मुआवजा प्रस्तावित किया जा रहा है, वह अपर्याप्त है और उन्हें केंद्र सरकार के नियमों के अनुसार चार गुना मुआवजा दिया जाना चाहिए। ग्रामीणों ने राज्य शासन द्वारा तय किए गए मुआवजे का विरोध दर्ज कराते हुए एसडीएम कार्यालय पहुंचकर अपनी मांग रखी। इस दौरान पूर्व विधायक माधव सिंह द्वार तथा भारतीय जनता पार्टी के मंडल अध्यक्ष भी ग्रामीणों के समर्थन में उपस्थित रहे। पूर्व विधायक माधव सिंह द्वार एवं भाजपा मंडल अध्यक्ष ने एसडीएम निधि मिश्रा से निवेदन किया कि ग्रामीण साधारण एवं भूले-भाले लोग हैं तथा उनकी भूमि आजीविका का मुख्य साधन है। चूंकि सड़क केंद्र सरकार की योजना के तहत बनाई जा रही है, इसलिए केंद्र के प्रावधानों के अनुसार चार गुना मुआवजा दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस संबंध में वे स्वयं भी प्रयासरत हैं और प्रशासन से सहयोग की अपेक्षा रखते हैं। इस पर एसडीएम निधि मिश्रा ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि प्रशासन द्वारा उन्हें अधिक से अधिक मुआवजा दिलाने के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि मुआवजे से संबंधित जो भी कार्रवाई होगी, वह पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया एवं नियमों के तहत की जाएगी। आश्वासन के बाद ग्रामीण भविष्य की कार्रवाई की उम्मीद के साथ शांतिपूर्वक अपने गांवों के लिए रवाना हुए। Post navigation पेसा एक्ट के तहत मथना गांव में खदान प्रस्ताव का विरोध, ग्रामीणों ने एसडीएम को सौंपा ज्ञापन चंद्रशेखर आज़ाद नगर में आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल, अवैध शराब पर कार्रवाई न होने के आरोप