झाबुआ लाइव डेस्क ॥ झाबुआ जिले के पेटलावद के बहुचर्चित “मिड-डे-मील” घोटाले मे जांच कछुआ गति से आगे बढ रही है जब इस घोटाले की “एफआईआर”  दर्ज हुई थी तब यह घोटाला 19 लाख रुपये का था..यह जांच आखिर ढीली क्यो चल रही है क्या जानबूझकर सबुतो को छिपाने के लिऐ जांच मे ढील दी जा रही है ? देरी की वजह आखिर क्या है इन सब मुद्दों पर पड़ताल की झाबुआ लाइव ने..आप भी जानिए इस मिड-डे-मील” घोटाले का स्टेटस..॥

 

आडिट ओर बैंकों से जानकारी की धीमी गति से देरी

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पेटलावद पुलिस आखिर क्यो इस मिड डे मील घोटाले की जांच मे देरी कर रही है जब इस सवाल की झाबुआ लाइव ने पड़ताल की तो यह बात सामने आई कि एफआईआर तो हो गई लेकिन पुलिस को कोट॔ मे अपराध साबित करने के लिऐ कागजी दस्तावेज या सबूत जुटाने थे लिहाजा अब आडिट करवाया जा रहा है ओर आडिट प्रक्रिया अगले एक सप्ताह से अधिक समय तक चल सकती है इसके पश्चात बैंकों से डिटेल ली जायेगी…तब जाकर चालान करने की स्थिती मे पुलिस होगी..।

 

बढ रही है घोटाले की राशि..

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पेटलावद पुलिस की प्रारंभिक जांच मे मिड डे मील घोटाले की राशि बढने जा रही है करीब 50 लाख रुपये तक का घोटाला पहुँच सकता है जबकि एफआईआर मे यह घोटाला 19 लाख का था । जैसै जैसे आडिट हो रहा है घोटाले की परते उखडते जा रही है ।बैंक के जिम्मेदार भी जांच के दायरे मे आ रहे है क्योकि जनपद पेटलावद का बाबू जामसिह बैंक वालो की मदद से ही जिला पंचायत से आई राशि को अलग अलग खातो मे नियम विरुद्ध डलवाता था ओर बैंक वाले नियम विरुद्ध यह काम करते थें ।

 

जिला पंचायत भी आ सकती है घेरे में…

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वर्तमान मे पेटलावद पुलिस तत्कालीन मिड डे मील प्रभारी “मालती” को आरोपी बना चुकी है लेकिन उन्हें गिरफ्तार नही किया गया है हालाँकि मालती की अग्रिम याचिकाऐ झाबुआ न्यायालय ओर इंदोर हाईकोर्ट मे खारिज हो चुकी है मतलब साफ है मालती की गिरफ्तारी होना तय है लेकिन पुलिस आडिट रिपोर्ट के बाद ही मालती को गिरफ्तार करना चाह रही है । लेकिन एक बात साफ है कि अकेले मालती ने ही तो सब कुछ कर नही दिया होगा । बडा सवाल यह है कि जिला पंचायत के सीईओ धनराजू ने आखिर किस तरह की निगरानी की कि इतना बडा घोटाला हो गया ? कई जगह उनके हस्ताक्षर है कायदे से धनराजू भी जांच के दायरे मे आने चाहिए..धनराजू को बचाने के लिऐ मालती की मिड डे मील मे बलि ठीक नही है ।

 

यह बोले जिम्मेदार

“”हमारी जांच जारी है आडिट जांच के दोरान महत्वपूर्ण दस्तावेज है इसलिऐ आडिट पूण॔ होते ही हम चालान की ओर बढेगे—कुं शिवजीसिंह टीआई पेटलावद ॥images-1

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