जितेंद्र वाणी, नानपुर जिले के नानपुर क्षेत्र के राजावट में पिछले दिनों खेर की लकड़ी से भरा ट्राला पकड़े जाने के बाद भी माफियाओं के हौसले बुलंद हैं। उसी स्थान से आज भी पिकअप और ट्रैक्टरों के माध्यम से लकड़ी की अवैध तस्करी धड़ल्ले से जारी है। जानकारी के अनुसार, नानपुर और आसपास की कई पंचायतों के जंगलों से यह गिरोह नीम, पीपल, आम और बबूल के हरे-भरे पेड़ों की अवैध कटाई करवा रहा है। माफिया गरीब ग्रामीणों को चंद रुपयों का लालच देकर इन कीमती पेड़ों को कटवाते हैं। इसके बाद, इन लकड़ियों को खेर की लकड़ी के बड़े ट्रालों में छिपाकर महाराष्ट्र (बॉम्बे) और गुजरात समेत अन्य राज्यों में भेजा जा रहा है। इस अवैध कारोबार का जाल गुजरात, झाबुआ, मेघनगर, धार और बड़वानी तक फैला हुआ है। आरोप है कि स्थानीय नेताओं और अधिकारियों से साठगांठ के चलते जिला प्रशासन इस बड़े रैकेट पर आंखें मूंदे बैठा है। पर्यावरण सहयोग संस्था के प्रमुख और सामाजिक कार्यकर्ता दीपक दीक्षित ने इस पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि इस अंधाधुंध कटाई से जिले के पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंच रहा है। उन्होंने कलेक्टर और एसपी से मांग की है कि इस सिंडिकेट की जांच कर दोषियों पर तत्काल कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। Post navigation तालाब में डूबने से महिला की मौत, रात भर घर पर रखा शव व्यापारी मोहम्मदी भाई शेख़ अकबर अली भाई मर्चेंट का इंतकाल, गांव में शोक की लहर