लवेश स्वर्णकार, रायपुरिया नवदुर्गा मित्र मंडल के तत्वाधान में नवरात्रि के प्रथम दिन से लेकर शरद पूर्णिमा तक गरबा कार्यक्रम का भव्य आयोजन हुआ मंडल का यह 31 वा आयोजन वर्ष था। नवदुर्गा मित्र मंडल के एक एक कार्यकर्ता ने निस्वार्थ प्रतिदिन काम किया पांडाल को प्रतिदिन एक नया स्वरूप देने के लिए दोपहर 12 बजे से शाम 7 बजे तक कार्य किया जाता था उसके बाद माता की प्रतिदिन आरती के बाद गरबा कार्यक्रम किए गए रोजाना फलाहार के रूप में महाप्रसाद खिलाई गई। नवदुर्गा मंडल ने इस आयोजन को इस बार एक भव्य रूप दिया माता बहनों के साथ युवाओं ने माता के भजनों गीतों पर प्रतिदिन गरबा खेला । 15 दिन के इस आयोजन में रोजाना कुछ अलग अलग हुवा। इस वर्ष मंडल ने राजगढ़ से जय माता दी स्वांग ग्रुप को आमंत्रित किया उनकी टीम ने माता के भेष में माता के भाव में गरबा नृत्य किया इस कार्यक्रम को देखने ग्राम के ग्रामीण बड़ी संख्या में पहुंचे थे पांडाल में रतलाम से आई मातृशक्ति दुर्गावाहिनी बहनों ने भी अपनी कला का निशुल्क प्रदर्शन किया इस कार्यक्रम में ग्रामीणों की सहभागिता बड़ी संख्या में रही । शरद पूर्णिमा की रात को जगराता रखा गया जिसमें रतलाम से प्रसिद्ध गायिका पायल वैष्णव ने माता के गीतों पर अपनी बेहतरीन प्रस्तुति दी। अंतिम दिन स्थानीय ग्रामीणों ने माता की भक्ति की गरबा खेला 15 दिन चले इस आयोजन में हर किसी ने अपनी सहभागिता दी अंतिम दिन नवदुर्गा की विदाई वाले दिन मंडल के सदस्य भावुक भी हुवे। Post navigation झाबुआ चौराहा के समीप पुल के नीचे युवक का शव, पुलिस मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जमा 1 घंटे के दरमियान विक्षिप्त गर्भवती महिला को पुलिस ने उसके पिता के जिम्मे किया