झाबुआ लाइव के लिए पारा से राज सरतलिया की रिपोर्ट-
 नगर के प्रतिष्ठित उपाध्याय परिवार द्वारा आयोजित सुंदर कांड प्रतियोगिता स्थानीय बस स्टैंड पर भव्य पांडाल में महंत संत रत्न दयाराम दास महाराज पीपलखूंटा धाम के मुख्य आतिथ्यए नरसिंह सिंह देवला धाम के महंत श्यामदास महाराजए चिंतामणी महाराज के विशेष आतिथ्य तथा प्रतियोगिता के निर्णायक तारखेड़ी धाम के प्रसिद्ध सुंदर कांड गायक जनक रामायणी, रतलाम के प्रसिद्ध कथा वाचक एवं भजन सम्राट अनिरुद्ध मुरारी ने मंच पर विराजित राम दरबार का पूजन व दीप प्रज्जवलन कर शुभारंभ किया। इसके बाद उपाध्याय परिवार के वासुदेव शर्माए धनश्याम शर्मा तथा संजय शर्मा ने अतिथियों का स्वागत और गुरु पूजनकर शॉल श्रीफल भेंट किये।सुंदरकांठ को सुनने आए सैकडो श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए महंत संत रत्न दयारामदास महाराज ने कहा कि अपने पूर्वजों की पुण्य स्मृति में उपाध्याय परिवार का यह आयोजन बहुत अच्छा व श्रेष्ठ कार्य है। ईश्वर ने जिसे संपन्न बनाया है उन लोगो को ऐसे आयोजन करना चाहिए व धर्म का प्रचार करते रहना चाहिए। रामायण का पाठ करने से भगवान व पूर्वजों दोनो प्रसन्ना होते हैं। रामचरितमानस की हर चौपाई एक चाबी है जो जीवन के हर संकट समस्या सुख.दुख में व्यक्ति के लिये काम आती है। श्री रामचरितमानस किसी भी जीव में भेद नही करता। वह राम राज्य की कल्पना करता है। यह पवित्र ग्रंथ हर जीव की आत्मा है और यह साक्षात परमात्मा है। इस अमृत वाणी के बाद चि_ी निकाल कर प्रथम टीम श्री खेड़ापति सुंदरकांड मंडल शाजापुर को मंच पर प्रस्तुति के लिए आमंत्रित किया गया। प्रस्तुति से पहले कार्यक्रम के निर्णायक जनक रामायणी एवं अनिरुद्ध मुरारी ने श्री गणेश वंदनाए श्री हनुमान चालीसाए श्री किष्किंधा कांड का पाठ किया। पूरी रात चले इस भव्य सुंदर कांड का श्रोताओं ने खूब आनंद लिया। प्रतियोगिता में आमंत्रित सभी छरू मंडलो ने एक से बढ कर एक प्रस्तुतियां दी जिस पर उपस्थित श्रद्धालुओं ने उन्हें सराहते खूब प्रोत्साहन राशि भेंट की।उपाध्याय परिवार द्वारा आयोजित इस शानदार सुंदरकांड प्रतियोगिता को देखने के लिए पारा के साथ आसपास के नगर मेघनगर, झाबुआ, राणापुर, बोरी आदि से भी सैकड़ो श्रद्धालु आए। रात भर चली इस सुंदर कांड प्रतियोगिता में श्री भक्त रामायण मंडल महेश्वर ने अपनी चौपाइयों के शुद्ध एवं संगीतमय प्रस्तूति के लिए प्रथम स्थान प्राश्त किया। वहीं पवन पुत्र सुंदर कांड मंडल अमझेरा द्वितीय तथा कपिराज सुंदरकांड मंडल लिमखेड़ा तृतीय स्थान पर रहे। प्रतियोगिता में आमंत्रित सभी मंडलों को सांत्वना पुरस्कार के रूप में श्रीराम चरितमानस का ग्रंथ भेंट किया गया। कार्यक्रम का संचालन शुभम सोनी ने किया व आभार संजय उपाध्याय ने माना।

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