झाबुआ लाइव के लिए राणापुर से मयंक गोयल की रिपोर्ट नगर परिषद चुनाव में भाजपा बाज़ी मारी। नगर में 8317 कुल मतदाता है जिसमे से 6805 लोगो ने अपने मत का प्रयोग किया। भाजपा को 3384 मत मिले वही कांग्रेस को 3223 मत प्रतिशत लिहाज से देखा जाए तो भाजपा को 49.7 कांग्रेस 47.3 इस चुनाव में जनता ने नोटा में 3 प्रतिशत वोट डाले। जबकि जीत का अंतर 161 का रहा। इस पूरे चुनाव के विश्लेषण के साथ अध्यापक विट्ठल उपाध्याय जो कि जनसंघ से जुड़े हुए है उनको विचारो से नगर की जनता पूर्णरूप से भाजपा के पक्ष में रही है। इसके पूर्व में जो चुनाव हुए उसमे जनता ने भाजपा को 10 पार्षद दिए थे और अध्यक्ष को नकार दिया था। बड़ा दुख होता है भाजपा के 10 पार्षद होते हुए भी कांग्रेस का उपाध्यक्ष बना। हमारी पार्टी सैद्धान्तिक होकर पंडित दीनदयाल उपाध्याय के विचारों पर चलने वाली पार्टी को कुछ स्वार्थी लोगो ने रचनाकर कांग्रेस का उपाध्यक्ष बना दिया गया था। समय बीतता गया 5 वर्ष पूरे हुए एक बार फीर चुनाव आये । मेने दोनो पार्टियों के नेताओ की बयानबाजी सुनी कांग्रेस के चुनावी संकल्प पत्र के दिन सांसद पुत्र विक्रांत भूरिया द्वारा मीडिया बयान कहा था कि शिवराज तो क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी आ जाये तो चुनाव कैलाश को नही हरा सकते है। इसी वाक्य से मेरा जमीर जगा। राणापुर के समाजसेवी व्यापारी संगठन से अपील की कि शिवराज एवं मोदी की कार्यपद्धति को देखते हुए अपने को भाजपा का परचम लहराना है ओर मेरी बात का सम्मान करते हुए गांव के प्रतिष्ठि साफ सुथरी छवि वाले लोग सड़क पर उतर आने से चुनाव के पहले भाजपा जो बैकफुट पर नजर आ रही थी वह व्यापारी एवं सामाजिक संघठनो के आने से वातारण भाजपा के पक्ष में बना और भजपा में भटकते हुए मतदाताओ ने भाजपा के पक्ष में मतदान किया। उसी का परिणाम आपके सामने है। उपाध्यक्ष चुनाव भाजपा की अग्निपरीक्षा नगर की जनता में आज भी यह संशय है की 2012 उपाध्यक्ष चुनाव का परिणाम इस बार नही आ जाये। पिछले चुनाव में भी भाजपा के 10 पार्षद होने बाद भी कांग्रेस का उपाध्यक्ष बन गया था। लेकिन बार 10 पार्षदों सहित जनता ने अध्यक्ष भी भाजपा का चुन कर दिया है । अब देखना ये है 2012 चुनाव के 10 पार्षदो जीत के शिल्पकार जो थे वही आज 2017 के भी है। इस पर जनता की नजर टिकी हुई है। Post navigation रिटर्निंग अधिकारी ने चुनाव चिन्ह किए आवंटित, प्रत्याशियों ने शुरू किए प्रचार होटल संचालक के सहायक ने पेश की ईमानदारी की मिसाल ; लोटाई सोने की पोहची