झाबुआ लाइव डेस्क की स्पेशल रिपोर्ट ।

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एक तरफ विश्व को बेहतर बनाने की कोशिश की जा रही है, वहीं कई ऐसी जगहें भी हैं जहां बुनियादी मानवाधिकार भी जीवित नहीं है। निश्चित ही, ऐसी चर्चा होने पर नॉर्थ कोरिया का नाम सबसे पहले आता है। देखिए, देश से जुड़े कुछ ऐसे कड़वे सच जो आपको खुशी देंगे कि आप लोकतांत्रिक भारत में रहते हैं…

नॉर्थ कोरिया में लोगों को हफ्ते में सिर्फ 6 दिन ही काम नहीं करना पड़ता है, बल्कि उन्हें एक दिन का ‘वॉलनटिअर’ वर्क भी करना होता है। हां, और यह वर्किंग डे के नंबर्स को 7 कर देता है।

शासन के वक्त, किम जोंग II ने अपनी बायॉग्रफी रिलीज की जिसमें उनकी लाइफ के अनोखे फैक्ट्स थे। दावा किया गया कि उनका जन्म डबल रेनबो के नीचे हुआ और इस जन्म से आसमान में एक नया सितारा पैदा हुआ। बायॉग्रफी के जरिए, वह चाहते थे कि जनता उन्हें ईश्वर के रूप में माने। वह दावा करते थे कि उनके अंदर मौसम को नियंत्रित करने की क्षमता है।

नॉर्थ कोरिया में इस वक्त 2016 नहीं चल रहा है। नॉर्थ कोरिया में जूश कैलेंडर को फॉलो किया जाता है, जिसकी शुरुआत 1997 में हुई थी। वहां साल की गिनती किम II सुंग के जन्म से होती है और इस वक्त वहां 105 साल चल रहा है।

नॉर्थ कोरिया के हर घर में सरकार द्वारा नियंत्रित रेडियो लगा हुआ है। नागरिकों को इसे बंद करने की अनुमति नहीं है।

देश में, कुछ अपराधों के लिए माफी जैसा शब्द है ही नहीं। इसकी कीमत सिर्फ जान है। अगर किसी के पास बाइबल पाई गई या कोईइ पॉर्न, साउथ कोरियाई फिल्म देखता पकड़ा गया, उसकी सजा मौत है, माफी नहीं।

किसी को भी गरीबों की तस्वीर क्लिक करने का अधिकार नहीं है, खासतौर से, टूरिस्ट को… देश मानता है कि गरीबों की तस्वीरें देश की तस्वीर को धक्का पहुंचाती हैं।

नॉर्थ कोरिया में 8 जुलाई और 17 जुलाई को किसी तरह का सेलिब्रेशन करने की इजाजत नहीं है, बर्थडे की भी नहीं… वजह? क्योंकि किम II सुंग और किम जोंग II की मौत क्रमशः इन्हीं दोनों दिन हुई थी।

टूरिस्ट को मोबाइल लेकर देश में आने की इजाजत नहीं है। मोबाइल को एयरपोर्ट पर ही जब्त कर लिया जाता है और टूरिस्ट की वापसी के वक्त ही दिया जाता है।

यही नहीं, टूरिस्ट स्थानीय लोगों के साथ बातचीत भी नहीं कर सकते। वह लगातार गाइड के सुपरविजन में रहते हैं अकेले उन्हें अकेले कहीं जाने या एरिया को एक्सप्लोर करने की इजाजत नहीं होती है।

नॉर्थ कोरिया ने टीवी पर सिर्फ 3 चैनलों को इजाजत दी है। धरती की सबसे दुखद जगह है ये!

देश में किसी को भी गाड़ियां खरीदने की इजाजत नहीं है। हां, यह काननू सरकारी अधिकारियों और मिलिट्री ऑफिशल के लिए नहीं है।

नॉर्थ कोरियन पूरी तरह से दुनिया से कटे हुए हैं। न्यूजपेपर्स, मैगजीन और न्यूज चैनल्स बाहरी दुनिया की किसी भी चीज को कवर नहीं करते। वह सिर्फ नॉर्थ कोरिया को ही महिमामंडित करने का काम करते हैं। नागरिक सच में झूठ में जी रहे हैं।

अधिकतर सड़कों पर पब्लिक स्पीकर्स लगाए गए हैं। प्रोपैगेंडा किसी भी वक्त शुरू हो सकता है और नागरिकों को उसका पालन करना ही होगा।

लगभग 2.5 लाख नॉर्थ कोरियन को जेल में डाला हुआ है। इन कैंप्स को इंलेक्ट्रिग फैंसिग कर घेरा गया है।

हां, एक नागरिक क्या पहनता है, नॉर्थ कोरिया इसे भी कंट्रोल करता है। उदाहरण के तौर पर देश में जींस पहनना गैर कानूनी है।

किम जोन-उंग ने अपने अंकल के मरवा दिया था और निर्वस्त्र कर कारागार में 120 भूखे कुत्तों के आगे डाल दिया था।

नॉर्थ कोरिया ने 2000 महिला महिलाओं की ‘प्लेजर स्क्वॉड’ बना रखी है, इसका वही मतलब है जो आप समझ रहे हैं।

नॉर्थ कोरिया के बच्चे इतिहास के नाम पर सिर्फ अपने ही देश के बारे में पढ़ाते हैं और किम जोंग I, किम जोंग II की बहादुर गाथाएं…

नॉर्थ कोरिया की हर इमारत ग्रे कलर से पेंट होनी चाहिए, ऐसा मेंडेट है। उनपर नेताओं की तस्वीरें भी होनी चाहिए।

नॉर्थ कोरिया में हर 5 साल बाद चुनाव होते हैं लेकिन वहां सिर्फ एक ही कैंडिडेट मैदान में होता है। अगर कोई नागरिक उस एकमात्र कैंडिडेट के खिलाफ वोट करना चाहता है तो वह उसका नाम काट सकता है वह भी बिना किसी सीक्रेसी के…

नॉर्थ कोरिया के पुरुष नागरिकों को जबरन किम जोंग-उन की तरह हेयरस्टाइल रखना होता है।

नॉर्थ कोरिया ने साउथ कोरियन को ललचाने के लिए किजोंग डोंग सिटी बनाई। यह एक डमी शहर था- यहां कोई रहता नहीं था लेकिन नॉर्थ कोरिया ने इसे चमकाने के लिए खास कोशिश की।

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